बारिश से 60 प्रतिशत फसल को नुकसान किसानों ने कहा- अब तो टूट ही गई कमर
दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से किसानों के सामने फसलों की पैदावार की संकट पैदा हो गई है। किसान अपने कमाई के फसलों के बारिश से नष्ट होते देखकर काफी परेशान नजर आ रहे हैं। बारिश की तेज धार से सड़क से लेकर खेतों में लगी फसलों के बीच पानी लग गया। जिससे 60 प्रतिशत तक नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है। वहीं उत्पादन भी एका-एक हुई बारिश ने अन्नदाता के अरमानों पर वज्रपात कर दिया। कहीं कहीं छोटे छोटे ओले भी पड़े। इस बीच सैकड़ों बीघा की रबी फसलें नष्ट होने का अनुमान है। सबसे अधिक नुकसान सरसों व आलू की फसलों को हुआ है। वहीं सरसों, गेहूं, जौ, लहसून, अरहर आदि फसलों में भी भारी नुकसान हुआ है। गुरुवार रात व शुक्रवार सुबह से लेकर दिन भर बारिश होने से ही मौसम पूरी तरह बदला-बदला था। शनिवार को सूर्य देव का लुका छिपी जारी रहा। दिन में तेज हवाएं चल रहीं थी। वहीं कही कही सुबह में भी हल्की बारिश हुई। बारिश होने से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गए। बारिश बंद होने के बाद किसान घर से बाहर निकले तो अपने अपने खेत देखकर माथा पकड़ लिए। सदर प्रखंड के अमलोरी सरसर, सरावेे आदि गांव के किसानों के गेहंू के खेतों में जलजमाव हो गया। इससे किसानों की गेंहू की फसलें गिरकर नष्ट हो गई। बारिश तेज होने तथा तेज हवा चलने से दलहनी फसलें पूरी तरह से नश्ट हो गई। वहीं तिलहनी फसलें तथा आलू के खेती किये किसानों के पैरों तले जमीन धंसक गई। इस बारिश से आलू, गेहूं, सरसों और जौ की फसलें प्रभावित हुई हैं।
तेज हवा से भी फसल पर पड़ रहा असर
बारिश होने से रबी फसलों के पैदावार पर काफी प्रभाव पड़ेगा। कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि बारिश होने व खेतों में पानी का जलजमाव होने से बाल लिए हुए फसलों को काफी हद तक नुकसान होने की संभावना है। बाल लिए हुए गेहंू के तेज हवा चलने से भी गिर जाने से काफी नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि हालाकि कृषि विभाग के द्वारा नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनुराध कुमारी की माने तो इन दिनों हुई बारिश में 50 से 60 प्रतिशत तक फसलें नुकसान हुई है। उन्होंने इसके चलते पैदावार में भी 40 प्रतिशत तक कम हाेने की संभावना बताई है। कई प्रखंडों में तो तेज हवा व पत्थर पड़ने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। गेंहू के साथ ही तिलहन व दलहन फसलें भी नुकसान बारिश होने से सबसे अधिक नुकसान तिलहनी फसलों जैसे सरसो राई आदि को नुकसान हुआ है।
नुकसान के आकलन के बाद मिलेगा मुआवजा
नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। अभी कुछ नही कहा जा सकता है। कृषि विभाग के सभी कर्मियों को नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के बाद ही नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
अशोक कुमार राव, जिला कृषि पदाधिकारी, सीवान
इस बार की खेती हेक्टेयर में
गेहूं- 95,000
मक्का- 13,000
दलहन- 3,500
तिलहन- 3,500
कुल खेती- 1,15,000
पहले भी हुई है फसले नुकसान
वर्ष 2018- रबी फसल सुखा से 35 प्रतिशत प्रभावित
वर्ष 2018- खरीफ फसल - सुखा से 40 प्रतिशत प्रभावित
वर्ष 2019- रबी फसल- सुखा से 35 प्रतिशत प्रभावित
वर्ष 2019- खरीफ फसल- बारिश से 20% प्रभावित
वर्ष 2020- रबी फसल- बारिश से 60% प्रभावित
दो दिनों में हुई प्रखंडवार बारिश का अनुपात
आंदर- 15.8
बडहरिया- 30.2
बसंपतुर- 54. 3
भगवानपुर हाट- 26.8
दरौली - 2
सीवान- 16.2
जीरादेई- 16
महाराजगंज- 22.5
मैरवा- 11.4
नौतन- 15.2
पचरुखी- 34.6
रघुनाथपुर- 5.2
सिसवन- 23.4
दुरौंधा - 20.4
गोरेयाकाेठी - 53
गुठनी- 12.4
हसनपुरा- 16.6
हुसैनगंज - 9.6
लकडी नबीगंज - 54.2
औसत- 23.3
95 हजार हेक्टेयर जमीन पर की गई है गेहूं की खेती
बतादें कि जिले में इस बार 95 हजार हेक्टेयर खेतों में गेहूं की बुआई की गई है। अनाज उत्पादन का लक्ष्य करीब 35 हजार मैट्रिक टन रखा गया है। अब फसलों के बारिश की भेंट चढ़ने से पैदावार भी 40 प्रतिशत तक कम होने की संभावना जताई जा रही है। फरवरी माह व मार्च माह के दो बार की ही बारिश व ओलावृष्टि से करीब 15 हजार हेक्टेयर में खेती के नुकसान की उम्मीद पहले ही लगाई जा रही थी। अब दूबारा बारिश हाेने से नुकसान का हेक्टेयर और बढ़ने तथा करीब 10 से 20 फीसदी तक अनाज का उत्पादन कम होने की संभावना जताई जा रही थी। कृषि विज्ञान केन्द्र भगवानपुर हाट की वैज्ञानिक डॉ. आरके मंडल ने बताया कि बारिश होने तथा तेज हवा चलने से रबी की सभी फसलों को नुकसान होगा। अधिक नुकसान दलहनी व तिलहनी फसलों को हुआ है।
सरकार से मुआवजा देने की मांग
बारिश से फसलों के नुकसान होने से परेशान रेनुआ गांव के किसान जीतेन्द्र सिंह, रितेश सिंह तथा सत्यदेव सिंह ने अपनी फसलों के नुकसान को देखते हुए सरकार से इसकी भरपाई करने के लिए मुआवजा देने की मांग की है। उन्होने कहा कि किसानों की फसल बर्बाद होने से जैसे कमर ही टूट गई है। वही राजद नेता अवधविहारी चौधरी ने भी क्षेत्र का दौरा कर प्रशासन से फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
नोट: कृषि विभाग के कार्यालय में लगी मशीन के अनुसार : 16.2
सैंकड़ो बिगहे में लगी गेहूं बर्बाद, सरसों, जौ, लहसून आदि को भी क्षति
बारिस के बाद नस्ट फसल।