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मैट्रिक परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में योगदान नहीं करने वाले 110 शिक्षकों पर प्राथमिकी
मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए योगदान नहीं करनेवाले 110 शिक्षकों पर पटना जिले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पटना डीईओ की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। डीईओ ज्योति कुमार ने बताया कि जिले में 110 शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है, इनके निलंबन के लिए सोमवार को पत्र लिखा जाएगा। मैट्रिक परीक्षा के मूल्यांकन के लिए पटना जिले में 12 केंद्र बनाए गए हैं। मूल्यांकन केंद्र के संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। निलंबन की अनुशंसा नियोजन इकाई में मुख्य कार्यापालक अधिकारी, कार्यपालक अधिकारी सह सदस्य सचिव को की जाएगी। शिक्षकों पर कर्तव्यहीनता, सरकारी कार्य में बाधा और बिहार विद्यालय परीक्षा अधिनियम के प्रावधानों उल्लंघन का मामला दर्ज कराया गया है।
इंटर अाैर मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट मार्च-अप्रैल में जारी करने का लक्ष्य
एजुकेशन रिपोर्टर|पटना
बिहार बाेर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि इंटर अाैर मैट्रिक परीक्षा 2020 का रिजल्ट समय पर ही जारी किया जाएगा। वर्ष 2019 में बाेर्ड ने देश में सबसे पहले इंटर एवं मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट मार्च-अप्रैल में जारी किया था। इस वर्ष भी परीक्षाफल मार्च-अप्रैल माह में ही जारी करने का लक्ष्य है, जिसके लिए तैयारियां की गई हैं।
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि इंटर परीक्षा 2020 की लगभग 75 प्रतिशत से भी अधिक उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। इस बार भी देश में सबसे पहले रिजल्ट जारी करने का भी लक्ष्य है। उन्होंने परीक्षार्थियों से कहा है कि रिजल्ट के बाद परीक्षार्थी उच्च कक्षाओं में अपना नामांकन मई-जून में करा सकेंगे। देश के अन्य परीक्षा बोर्डों द्वारा भी प्रति वर्ष इंटर व मैट्रिक की परीक्षाओं का रिजल्ट मई माह या उसके बाद ही जारी किया जाता है।
निलंबित शिक्षक अगर योगदान करना चाहते हैं तो किए जाएंगे निलंबन मुक्त
पटना| बिहार बोर्ड ने राज्य के सभी आरडीडीई, डीईओ, डीपीओ अाैर मूल्यांकन केंद्र निदेशकों को कहा है कि अगर किसी शिक्षक ने हड़ताल पर रहने के कारण मैट्रिक अाैर इंटर परीक्षा की कॉपियों की जांच के लिए मूल्यांकन केंद्र पर योगदान नहीं किया है और उन पर प्राथमिकी दर्ज कर निलंबित भी किया गया है, लेकिन यदि वे मूल्यांकन केंद्र पर योगदान करना चाहते हैं तो उन्हें निलंबन मुक्त करते हुए योगदान कराकर मूल्यांकन कार्य कराया जाए। साथ ही मैट्रिक का मूल्यांकन कार्य 17 मार्च तक हर हाल में समाप्त करने काे कहा गया है। संस्कृत विद्यालयों, संस्कृत बोर्ड से अनुदानित विद्यालयों के शिक्षकों को भी मूल्यांकन के लिए नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है। इंटर के शिक्षक, महाविद्यालय के लेक्चरर को भी मैट्रिक की कॉपियों की जांच के लिए नियुक्त किया जा सकता है।
उपद्रवी शिक्षक नेताओं पर होगी प्राथमिकी : बोर्ड की ओर से अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा गया है कि शिक्षक संघ के नेताओं द्वारा शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य में योगदान से रोका जा रहा है, उन्हें धमकी दी जा रही है और मारपीट भी की जा रही है। ऐसे उपद्रवी शिक्षक नेताओं की पहचान कर उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराते हुए उन्हें निलंबित किया जाए। वहीं, 7 मार्च की दोपहर 12 बजे तक मूल्यांकन कार्य के लिए नियुक्त कर्मियों में से जिन्होंने भी योगदान नहीं किया है उन पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
अनुपस्थिति का स्पष्ट विवरण मांगा
हड़ताल पर गए शिक्षकों के जनवरी और फरवरी महीने के वेतन पर रोक लगा दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है इन शिक्षकों का वेतन किसी भी हाल में जारी नहीं किया जाएगा। वहीं जिन शिक्षकों ने योगदान दे दिया है उनका वेतन शीघ्र जारी करने को कहा गया है। विभाग के निर्देश के आलोक में डीपीओ स्थापना केशव प्रसाद ने पटना के सभी स्कूलों के प्राचार्य को पत्र लिखकर कहा है कि अपने विद्यालयों में कार्यरत नियोजित माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं पुस्तकालयाध्यक्ष के फरवरी की अनुपस्थिति विवरणी में स्पष्ट रूप से अंकित करें कि कौन-कौन शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष किस तिथि से हड़ताल में शामिल हैं। इससे पहले भेजी गई विवरणी को रद्द कर दिया गया है। विद्यालय प्रधान द्वारा वेतन के भुगतान के लिए अनुपस्थिति विवरण में हड़ताल अवधि का अंकन किए बिना विवरणी भेजी जाती है तो इसकी वसूली विद्यालय प्रधान से की जाएगी।