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बिहार / कॉलेज आए अफसर को देख शिवांगी ने लिया था नौसेना में जाने का फैसला, बनी पहली महिला पायलट

मां प्रियंका और पिता हरिभूषण के साथ शिवांगी। मां प्रियंका और पिता हरिभूषण के साथ शिवांगी।
माता-पिता के साथ शिवांगी। माता-पिता के साथ शिवांगी।
नौसेना के विमान के सामने खड़ीं शिवांगी। नौसेना के विमान के सामने खड़ीं शिवांगी।
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मां प्रियंका और पिता हरिभूषण के साथ शिवांगी।मां प्रियंका और पिता हरिभूषण के साथ शिवांगी।
माता-पिता के साथ शिवांगी।माता-पिता के साथ शिवांगी।
नौसेना के विमान के सामने खड़ीं शिवांगी।नौसेना के विमान के सामने खड़ीं शिवांगी।

  • नौसेना की पहली महिला पायलट शिवांगी बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पारू की रहने वाली हैं
  • शिवांगी के पिता ने कहा- बेटी, बेटों से कम नहीं, पैरेंट्स को करना चाहिए सपोर्ट
  • मां ने कहा- बेटी को कभी पीछे हटने नहीं दिया, हर कदम पर उसका साथ दिया

Dainik Bhaskar

Dec 02, 2019, 03:59 PM IST

मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पारू की शिवांगी भारतीय नौसेना की पहली महिला पायलट बनी हैं। सोमवार को पासिंग आउट परेड के बाद सब लेफ्टिनेंट शिवांगी ने नौसेना ज्वाइन किया। उन्होंने कोच्चि नेवल बेस में ऑपरेशनल ड्यूटी ज्वाइन की।

बेटी की इस कामयाबी पर माता-पिता फूले नहीं समा रहें। पिता हरिभूषण सिंह ने कहा- मेरे लिए यह बहुत गर्व की बात है। मैं टीचर हूं। एक साधारण परिवार से होने पर भी उसने बड़ी ऊंचाई पाई है। मेरी बेटी देश की रक्षा करने लगी है। यह सोचकर गर्व होता है। शिवांगी बचपन से ही किसी भी काम को चुनौती के रूप में लेती है। 

पिता ने बताया कि शिवांगी बीटेक कर रही थी। तभी नेवी के अधिकारी उसके कॉलेज गए थे। वह नेवी से इतना प्रभावित हुई कि इस क्षेत्र में जाने का फैसला कर लिया। वे कहते हैं- मैं सभी पैरेंट्स से कहना चाहता हूं कि बेटा हो या बेटी सभी को सपोर्ट करें। करना तो बच्चों को ही होता है, लेकिन माता-पिता का सपोर्ट बहुत जरूरी है। सेना में जाने के लिए बेटियों को आगे आना चाहिए। मैंने बेटी को कभी कमजोर नहीं समझा।  

बेटी के हर फैसले का सपोर्ट किया: शिवांगी की मां
 मां प्रियंका ने कहा- मैंने कभी बेटी को उसके सपने पूरा करने से नहीं रोका। मैं हर समय उसकी सपोर्ट के लिए मौजूद रही। मैं कहती थी कि तुम्हें जो अच्छा लगता है करो। हम लोगों ने उसे कभी पीछे हटने नहीं दिया। मेरी दो बेटी और एक बेटा है। शिवांगी सबसे बड़ी है। उसकी सफलता देख अब भाई बहन भी देश के लिए कुछ करना चाहते हैं।

शिवांगी की सफलता से परिवार में जश्न सा माहौल है। रिश्तेदारों के फोन आ रहे हैं। हर कोई बधाई दे रहा है। मेरी बेटी शुरू से कुछ अलग करना चाहती थी। वह चाहती थी कि कुछ ऐसा करूं कि दूसरी लड़कियां प्रेरणा लें। आज उसने अपनी मंजिल पा ली है।

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