बाढ़ / सीतामढ़ी में टूटा बागमती नदी का बांध, सैकड़ों घरों में घुसा पानी



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  • सुप्पी प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांव में बाढ़ का पानी तेजी से घुस रहा है
  • सीतामढ़ी से नेपाल जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी बह रहा है

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2019, 12:23 PM IST

सीतामढ़ी. बिहार के सीतामढ़ी जिले में बागमती नदी का बांध टूट गया है। सुप्पी प्रखंड के जमला गांव के पास बांध टूटा है। सुप्पी प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांव में बाढ़ का पानी तेजी से घुस रहा है, जिसके चलते लोगों में दहशत है।

 

सुप्पी को सीतामढ़ी से जोड़ने वाली सड़क पर पानी बह रहा है। आने जाने का कोई साधन नहीं है। नाव की व्यवस्था भी नहीं है, जिसके चलते लोग फंस गए हैं। लोग ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। सीतामढ़ी से नेपाल जाने वाली सड़क (एनएच 104) पर भी बाढ़ का पानी बह रहा है। भिट्ठामोड़ के पास दो से तीन फीट पानी सड़क पर बह रहा है। एसडीआरएफ की टीम सीतामढ़ी पहुंच गई है।

 

सीतामढ़ी में 20 जुलाई तक बंद रहेंगे स्कूल
सीतामढ़ी के डीएम रणजीत कुमार सिंह ने 20 जुलाई तक जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया है। बाढ़ और भारी बारिश के चलते जिला प्रशासन ने यह निर्देश दिया है।

 

एसडीआरएफ की टीम गई शिवहर
बाढ़ के खतरे को देखते हुए एसडीआरएफ को अलर्ट पर रखा गया है। उत्तर बिहार में एसडीआरएफ की टीम की तैनाती बाढ़ प्रभावित इलाकों में की जा रही है। मुजफ्फरपुर जिले के औराई, कटरा और गायघाट में बाढ़ आ गई है। तीनों प्रखंड के दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। शिवहर में भी बाढ़ का प्रकोप है। एसडीआरएफ की टीम को शिवहर भेजा गया है।

 

सुपौल में कोसी महासेतु के बगल में गाइड बांध को सटाकर ग्रामीणों के सहयोग से बनाया गया बांध शुक्रवार देर रात टूट गया। बांध टूटने के चलते 5 दर्जन गांव में पानी भर गया है।

 

बाढ़ से प्रभावित हैं बिहार के छह जिले
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से बिहार और नेपाल में बारिश हो रही है, जिसके चलते नदियों का जलस्तर बढ़ा है। बिहार के छह जिले (शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, अररिया और किशनगंज) बाढ़ प्रभावित हैं। मधुबनी के जयनगर में कमला नदी का पानी बांध को पार कर बह रहा है। बाढ़ प्रभावित जिलों में कई जगह सामुदायिक किचेन शुरू किया गया है। जिलों के डीएम बाढ़ राहत के काम में जुटे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग भी इसपर नजर रखे हुए है।

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