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खुलासा / पटना हाईकोर्ट के वकील की हत्या में शामिल थे 4 शूटर, 2 गिरफ्तार



Four shooters involved in murder of Patna High Court lawyer
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Four shooters involved in murder of Patna High Court lawyer

  • प्रोपर्टी डीलर, जितेंद्र की पत्नी और साले ने रची साजिश, पांच लाख की दी गई थी सुपारी
  • प्रोपर्टी डीलर ने पत्नी से साइन कराया, साले को बनाया गवाह, वकील की जगह दूसरे को खड़ा कर दिया था

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 01:36 AM IST

पटना. पटना हाईकोर्ट के वकील जितेंद्र कुमार की हत्या में चार शूटर शामिल थे। इनमें दो को एसआईटी ने गुरुवार की देर रात गिरफ्तार कर लिया जबकि दो फरार चल रहे हैं। चारों पटना व आसपास के ही हैं। हत्या की साजिश में  गर्दनीबाग के दमड़िया निवासी प्रोपर्टी डीलर ताजुद्दीन के अलावा वकील की पत्नी नीतू सिंह और उनका साला पनसुजीत कुमार भी शामिल थे।

 

मास्टरमाइंड ताजुद्दीन ने शूटरों को 5 लाख की सुपारी दी थी। इसमें करीब एक लाख रुपए का भुगतान होने की बात कही जा रही है। हत्या होने से तीन-चार दिन पहले से शूटर वकील की रेकी कर रहे थे। रेकी करने के बाद एक बाइक से दो शूटर राजवंशीनगर जल पर्षद के दफ्तर के पास पहुंच गए और दूसरी बाइक से दाे शूटर पास में ही बैकअप में थे। 

 

हत्या करने वाले शूटर के गिरफ्तार होने पर बैकअप के दो शूटर बरसा देते गोलियां 
शूटरों ने पुलिस को बताया कि बैकअप में इसलिए थे कि अगर कहीं दोनों शूटरों को पुलिस या स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया तो फिर गोली बरसा कर दोनों को छुड़ा लेंगे।  हालांकि हत्या करने के बाद वैसी नौबत नहीं आई और दोनों फरार हो गए। जांच प्रभावित होने की वजह से गिरफ्तार दोनों शूटरों का नाम पुलिस बताने से मना कर रही है। वैसे सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है।  वकील की हत्या खगौल में करीब एक बीघा जमीन के लिए ही हुई।एसआईटी का दावा है कि शुक्रवार को इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा। इस मामले में पुलिस वकील की पत्नी नीतू सिंह के साथ ही खगौल के वार्ड पार्षद रितेश कुमार व उसके दो भाइयों राकेश और रूपेश को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे कर चुकी है। वकील का नामजद साला पनसुजीत कुमार उर्फ मिथुन और ताजुद्दीन फरार है। वैसे वकील के भाई राजकुमार ने नीतू की मां, पिता के साथ ही वार्ड पार्षद की पत्नी को भी नामजद किया है।

 

10 दिन पहले रची साजिश, प्रोपर्टी डीलर भागा नेपाल  

सूत्रों के अनुसार करीब 10 दिन पहले वकील की हत्या की साजिश रची गई। प्रोपर्टी डीलर ताजुद्दीन ने एक-दो कुख्यात की मदद से शूटरों को वकील की हत्या करने की सुपारी दी। किस तरह हत्या करनी है इसकी पूरी योजना बनाई गई थी। सब कुछ साजिश रचने के बाद किसी को ताजुद्दीन पर शक न हो, इसलिए वह नेपाल फरार हो गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार वह नेपाल से ही घटना पर पूरी नजर बनाए हुआ था। इधर जैसे ही वकील की हत्या हुई, वैसे ही उनका साला मुजफ्फरपुर से फरार हो गया।

 

वकील की जगह दूसरे को खड़ा कर दिया था  
खगौल में करीब एक बीघा जमीन का दाखिल खारिज ताजुद्दीन और वकील दोनों ने कराया है। सवाल यह है कि एक ही जमीन, एक ही प्लॉट का दाखिल खारिज दो लोगों के नाम से कैसे हो गया? पुलिस इस मामले की जांच करे तो इसमें और भी नए खुलासे होने की उम्मीद है। बहरहाल उस जमीन के कागजात पर ताजुद्दीन ने वकील की पत्नी से साइन कराया और खुद पावर ऑफ अटर्नी   बन गया। इसमें उसके साला पनसुजीत उर्फ मिथुन गवाह बना। कागजात में साइन मिथुन के नाम से है। पावर ऑफ अटर्नी   लेने का काम कोलकाता में इसी साल 18 अगस्त को हुअा। वकील तो कोलकाता नहीं गए पर प्रोपर्टी डीलर व ससुराल वालों ने उनकी जगह पर किसी अन्य को जितेंद्र के नाम पर किसी को खड़ा कर दिया और उनका फर्जी साइन कर दिया गया। वकील के बड़े भाई राजकुमार ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले उस जमीन के एक खरीदार ने फोन किया था कि जमीन कोई और बेच रहा है पर ऑनलाइन में जमीन मालिक में नाम जितेंद्र कुमार का बता रहा है। जब इसकी छानबीन किए तो पता चला कि ताजुद्दीन ने इस जमीन का पावर ऑफ अटर्नी ले लिया है।

 

पुलिस ने वकील हत्याकांड की गुत्थी करीब-करीब सुलझा ली है। हत्या की वजह जमीन का विवाद ही था। जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। -राजेश कुमार, डीआईजी, सेंट्रल रेंज

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