--Advertisement--

ठगी / मंत्री के कोटे से वन विभाग में नौकरी के नाम पर करोड़ों ठगे, शातिरों ने फर्जी ज्वाइनिंग भी करवा दी



Fraud in the name of job in forest department
X
Fraud in the name of job in forest department

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 04:47 AM IST

पटना. बिहार और बंगाल के युवकों को मंत्री कोटा से फॉरेस्ट विभाग में नौकरी दिलवाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। ठगी के शिकार युवकों ने एसएसपी मनु महाराज से शिकायत की है। औरंगाबाद के दाउद नगर का रहने वाला अरुण पटना के पूर्वी सरिस्ताबाद इलाके में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। 

 

अरुण ने बताया कि जक्कनपुर इलाके के रहने वाले जितेंद्र और उसके दोस्तों ने मंत्री कोटे से फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके एवज में शातिरों को जितेंद्र ने 10 लाख रुपए भी दिए। अरुण ने पुलिस को बताया कि शातिरों ने बिहार और बंगाल के कम से कम 10 लोगों से ठगी की है। एसएसपी ने जक्कनपुर थाने को मामले की जांच का आदेश दिया है।  

 

चार खातों में मंगाया पैसा, 3 पर आरोप : अरुण ने पुलिस को बताया कि जितेंद्र से उसकी मुलाकात 2017 के अगस्त में हुई। उसी समय उसने नौकरी लगवाने का झांसा दिया। उसने कहा कि जितेंद्र के अलावा इस खेल में अमित और चंदन भी शामिल हैं। अरुण ने बताया कि उसने विनीता तिवारी, अमित कुमार, सीमा दास और राज कुमार के खाते पर पैसों का ट्रांस्फर किया। अरुण ने इन खातों का डिटेल भी पुलिस को उपलब्ध कराया है।  
 

युवकों को तीन महीने तक दी गई ट्रेनिंग : शातिरों  ने ठगने का पूरा प्रबंधन कर रखा था। गिरोह का जाल पटना से लेकर बंगाल तक फैला हुआ है। अरुण ने बताया कि पैसे लेने के बाद शातिरों ने उसकी ट्रेनिंग सुंदरवन में करवाई थी। अरुण ने कहा कि उसके साथ बंगाल के तीन और बिहार के चार युवक ट्रेनिंग में थे।

 

तीन महीने तक सभी को ट्रेनिंग दी गई। इसके एवज में प्रति माह सभी को 12-12 हजार रुपए वेतन भी दिया गया। अरुण ने कहा कि ट्रेनिंग खत्म होने के बाद जितेंद्र के कहने पर बारासात फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में वे लोग नौकरी भी करने लगे। उसने कहा कि हम सातो लोग वहां दस माह तक काम किए लेकिन एक भी पैसा नहीं मिला। जब पड़ताल शुरु की तब पता चला कि हमारी ज्वाइनिंग ही नहीं है।

Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..