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छठ की तैयारी / सभी गंगा घाटों पर शेड, नियंत्रण कक्ष, वॉच टावर, चेंजिंग रूम, शौचालय और यूरिनल लगाने का काम पूरा



Ganga ghat prepare for chhath puja government arranged Facility
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Ganga ghat prepare for chhath puja government arranged Facility

  • सजावट व लाइटिंग के साथ सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था 
  • 100 सीसीटीवी कैमरे लगे, हर घाट पर एनडीआरएफ की सात टीमों की होगी तैनाती

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 11:23 AM IST

पटना.  छठ घाटों पर मुकम्मल व्यवस्था की गई है। भीड़ नियंत्रण और निगरानी के लिए 200 वॉच टावर बनाए गए हैं। व्रतियों की सुविधा के लिए 609 चेंजिंग रूम, 10 यात्री शेड, 314 शौचालय, 556 यूरिनल और 90 चापाकल की व्यवस्था की गई है। 

 

भीड़ पर नजर रखने के लिए चिह्नित घाटों पर 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। 91 कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। डीएम कुमार रवि ने बताया कि हर नियंत्रण कक्ष और वॉच टावर पर अलग-अलग पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था की गई है।

 

हर घाट पर एनडीआरएफ की सात टीमों को 280 जवानों व 70 बोट के साथ प्रतिनियुक्ति की गई है। घाटों पर लाइटिंग की बेहतरीन व्यवस्था की गई है। पहुंचपथ से घाट तक हाई पावर की मेटल लाइट लगाई गई है। 

 

घाटों पर विशेषकर मेटल लाइट तो पहुंचपथ में मरकरी के साथ ही अधिक प्रकाश देने वाली लाइट लगाई गई है। घाटों की तैयारी में अंतिम रूप दिया जा रहा है। जहां अभी नहीं लग पाई है, वहां लाइट लगाई जा रही है।

 

बैरिकेडिंग के लिए बल्ले गाड़े जा रहे हैं। शुक्रवार को दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने बांस घाट से काली घाट तक का जायजा लिया। लगभग सभी घाटों पर यात्री शेड, नियंत्रण कक्ष, वॉच टावर, चेंजिंग रूम, शौचालय और यूरिनल लगाने का काम पूरा हो चुका है। लाइटिंग थोड़ी-बहुत बची है, जिसे पूरा किया जा रहा है। यातायात के सुगम संचालन के 38 स्थलों पर ड्रॉप गेट की व्यवस्था की गई है। 

 

बांसघाट पर दो लाख व्रतियों व श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था
बांस घाट पर घाट की लंबाई करीब दो किलोमीटर है। अशोक राजपथ से घाट की दूरी तीन किलोमीटर है। घाट तक वाहन से पहुंच सकते हैं। लगभग 20 हजार वाहनों को लगाने के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

 

बांस घाट से कलेक्ट्रेट घाट और महेंद्रू घाट जुड़े हुए हैं। बांस घाट पर दो लाख व्रतियों व श्रद्धालुओं के लिए सभी तरह की तैयारी की जा रही है। बांसघाट पर 2 हजार से अधिक लाइटें लगाई गई हैं। इसमें घाट पर गंगा के किनारे 40 लाइट टावर लगाए गए हैं। एक लाइट टावर पर चार हाई पावर की मेटल लाइट लगाई गई है। वहीं 6 साउंड लेस जेनरेटर की व्यवस्था की गई है। 

 

कहीं हनुमान पताका तो कहीं लाल, पीला व सफेद झंडा
पानी के अंदर बैरिकेडिंग कर इसके ऊपर लाल, पीला, हरा, सफेद आदि रंगों का पताका लगाई गई है, तो कहीं हनुमान पताका लहरा रही है। बांस घाट पर विशेषकर पानी के अंदर बैरिकेडिंग के ऊपर हनुमान पताका लगाई गई है। वहीं बैरिकेडिंग के बल्ले को सफेद रंग से कलर किया गया है। 

 

पहचान के लिए अफसरों व कर्मियों के लिए ड्रेस कोड
डीएम कुमार रवि ने शुक्रवार को पटना सिटी के कई घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव की स्थिति के कारण घाटों के स्वरूप में परिवर्तन संभव है। इसकी सूचना मोबाइल एप छठ पूजा पटना के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं।

 

छठ घाटों पर प्रतिनियुक्त अधिकारियों व कर्मियों की आसानी से पहचान हो सके इसके लिए ड्रेस कोड बनाया गया है। दंडाधिकारी ब्लू, सिविल डिफेंस हरा, पुलिसकर्मी लाल और नगर निगम कर्मी हल्के रंग के फ्लोरोसेंट जैकेट में रहेंगे। 

 

छठ घाटों पर सुविधा 

  • शौचालय- 314
  • यूरिनल- 556
  • चापाकल- 90 
  • नियंत्रण कक्ष- 91
  • सहायक कक्ष- 14 
  • वॉच टावर- 200
  • चेंजिंग रूम- 609
  • यात्री शेड- 10
  • सीसीटीवी- 100
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