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लड़की पर गंदे-गंदे कमेंट करता था पड़ोसी, पिता ने मना किया तो नाबालिग बेटी की पीट-पीटकर कर दी हत्या

बिहार के सुपौल जिले का है मामला।

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 01:37 PM IST

सुपौल (बिहार)। एक 14 वर्षीय बालिका की पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। मृतिका के पिता ने थाना में आवेदन देकर गांव के ही दो पड़ोसी पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों के आवेदन के आलोक में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आवेदन में मृतिका के पिता ने कहा है कि पड़ोसी जंगबहादुर यादव और उसका बेटा सुभाष यादव बार-बार मेरी बेटी पर ताना मारते थे और गंंदी-गंदी गाली-गलौज करते थे। इसी बात को लेकर दोनों पड़ोसियों में विवाद था।

मौका देखते ही लड़की को इतना पीटा कि उसकी हो गई मौत

मौका पाकर दोनों नामजद ने मृतिका रंजन कुमारी को बुरी तरह पीटा, जिससे वह जख्मी हो गई। जख्मी हालत में परिजनों ने उसे ग्रामीण चिकित्सक के प्राथमिक इलाज कराने के बाद सदर अस्पताल सुपौल में भर्ती कराया, जहां बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सक ने उसे बाहर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने जख्मी को सहरसा एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां अस्पताल में तीन दिनों तक इलाज करने के बाद परिजन रुपये के अभाव में लड़की को लेकर वापस घर आ गए, जहां मंगलवार की सुबह उसकी मौत हो गई।

क्या है पूरा मामला

आवेदन में मृतिका के पिता जगदीश यादव ने कहा है कि बीते माह उसकी बड़ी पुत्री घर से बाहर चली गई थी। लड़की के घर वापस आने के बाद पड़ोसी जंगबहादुर यादव उर्फ जंगल यादव तथा उसका पुत्र सुभाष यादव परिवार पर लड़की को लेकर बराबर ताना मारता था। एक दिन आरोपित पिता-पुत्र आपस में जगदीश यादव की पुत्री को लेकर आपस में चर्चा कर रहे थे कि इस बार यदि लड़की घर छोड़कर गई तो उसे काटकर फेंक देंगे। यह बात मृतिका रंजन कुमारी ने सुन ली। इसकी शिकायत उसने पिता जगदीश यादव से कर दी। इसके बाद जगदीश यादव ने मामले को लेकर आरोपित पिता-पुत्र से शिकायत की। वे तत्काल चुप रहे, लेकिन मौका पाते ही पांच सितंबर को मृतिका रंजन कुमारी को अकेले देखकर पकड़कर जमकर मारपीट की। इससे वह बुरी तरह जख्मी हो गई।

शरीर में अंदरुनी चोट के कारण हुई लड़की की मौत

लड़की के पिता ने बताया किजंगबहादुर यादव व उसके पुत्र की मार मेरी पुत्री रंजन कुमारी घटना स्थल पर ही बेहोश हो गई। बताया कि इलाज के दौरान उसे चिकित्सकों ने बताया कि मेरी पुत्री को अंदरुनी चोट लगी है।

रुपए के अभाव में पिता नहीं करा सके बेटी का इलाज

सदर अस्पताल से रेफर करने के बाद मृतिका का उसके परिजनों ने सहरसा के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। जहां तीन दिनों तक उसका चिकित्सकों की देख-रेख में इलाज चला। परिजनों ने बताया किनिजी अस्पताल में इलाज का खर्च इतना था कि वे लोग रंजन को अपने घर वापस लेकर आ गए। मंगलवार की सुबह लड़की ने दम तोड़ दिया।

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए की जा रही छापेमारी

पिपरा थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी ने बताया कि मामले में पुलिस ने मृतिका के पिता के आवेदन के आलोक में कांड दर्ज कर आराेपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।