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जीएम को कार से खींचा, महिला पुलिसकर्मी की स्कूटी तोड़ी रेलकर्मियों को लेकर जा रही बस को रोक कर की तोड़फोड़

भारत बंद के दौरान राजधानी के विभिन्न इलाकों में जाप के कार्यकर्ताओं और अन्य बंद समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया।...

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 04:31 AM IST
भारत बंद के दौरान राजधानी के विभिन्न इलाकों में जाप के कार्यकर्ताओं और अन्य बंद समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया। सुबह 8 बजे से लेकर दिन के 1 बजे तक उत्पात मचाते रहे। राजेंद्रनगर टर्मिनल से पटना जंक्शन गोलंबर होते हुए डाकबंगला चौराहे तक दर्जनों वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। आम और खास किसी को भी बंद समर्थकों ने नहीं बख्शा। राजधानी में कार्यरत कई अधिकारियों, रेलवे के कर्मियों यहां तक कि पुलिसकर्मियों को भी नहीं छोड़ा। इस हुड़दंग में कई लोग जख्मी भी हो गए। बंद समर्थकों ने सबसे अधिक उत्पात राजेंद्रनगर टर्मिनल और उसके आसपास मचाया। इस दौरान पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। उनके सामने ही बंद समर्थक उत्पात मचाते रहे।

राजेंद्रनगर टर्मिनल के सामने सुबह से प्रदर्शनकारी उग्र थे। बंद समर्थकों ने कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। आते-जाते लोगों के वाहनों को तोड़ा गया। इस क्रम में कुछ लोग जख्मी भी हो गए। टर्मिनल के पास से पूर्व मध्य रेल की बस कर्मियों को लेकर जा रही थी। समर्थकों ने बस को रोक लिया और तोड़फोड़ करने लगे। रेलकर्मियों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। काॅलेज ऑफ कामर्स के पास खड़ी तीन-चार गाड़ियों को भी समर्थकों ने तोड़ दिया। इसके बाद समर्थक वहां से आगे बढ़े और एक आरा मिल के पास एक विभाग के जीएम को उनकी गाड़ी से निकाल दिया और तोड़फोड़ की। एक महिला पुलिसकर्मी स्कूटी से कहीं जा रही थी, समर्थकों ने उसकी स्कूटी को भी निशाना बनाया। पास ही खड़ी पत्रकार नगर थाने की जीप को भी प्रदर्शनकारियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रदर्शनकारी जीप के ऊपर चढ़ गए। इसके बाद बंद समर्थक पटना जंक्शन होते हुए डाकबंगला चौराहा तक पहुंचे। पटना जंक्शन पर समर्थक एक दारोगा से उलझ गए। दारोगा ने किसी तरह बंद समर्थकों से खुद को बचाया।

पहचान कर होगी कार्रवाई

इधर पत्रकार नगर थाने में 50 व कोतवाली थाने में 100 से अधिक अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बंद के दौरान हुई तोड़फोड़ पर पुलिस की नजर है। बंद के दौरान उत्पात मचाने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पहचान कर उनपर कार्रवाई की जाएगी।

परेशानी

बंद के दौरान गाड़ियों के नहीं चलने के कारण बेली रोड पर एक रिक्शे से जाता पूरा परिवार।

डाकबंगला चौराहे पर पुलिस की जीप पर चढ़कर प्रदर्शन करते बंद समर्थक। बाइक से जा रहे पुलिसकर्मी पर हमला करने के लिए खदेड़ता युवक। ऑटो को रस्सी से खींच कर पेट्रोल-डीजल की महंगाई पर विरोध जताते चालक।

राजेंद्रनगर टर्मिनल पर ट्रेनों पर किया पथराव

पूर्व मध्य रेल में 90 मेल-एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रोका, पुलिस से की झड़प

सिटी रिपोर्टर|पटना

भारत बंद का व्यापक असर ट्रेन परिचालन पर पड़ा। बंद समर्थकों ने सुबह से ही जगह-जगह रेलवे ट्रैक पर उतर कर ट्रेन परिचालन बाधित कर दिया। राजेंद्रनगर टर्मिनल पर रेलवे ट्रैक पर आग जलाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस से सांसद पप्पू यादव की पार्टी जाप समर्थकों की झड़प हो गई। तब पुलिस ने बल प्रयोग कर बंद समर्थकों को खदेड़ना शुरू किया। इसके बाद बंद समर्थकों ने कई ट्रेनों पर पथराव किया। दानापुर व फुलवारी स्टेशन के अलावा पटना-मुगलसराय रूट में जगह-जगह बंद समर्थकों ने ट्रेनें रोक कर प्रदर्शन किया।

पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि सुबह 5:20 बजे से पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार में विभिन्न स्थानों पर ट्रेन परिचालन बाधित किया गया, जो दिन के 3:20 बजे तक चला। इसके बाद ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो गया। बंद के दौरान पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार में कुल 90 मेल/एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों-स्थानों पर रोका गया। साथ ही तीन ट्रेनों का आंशिक समापन व प्रारंभ किया गया। हालांकि पूर्व मध्य रेल द्वारा इस दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। साथ ही उच्चाधिकारियों की निगरानी में विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनों के यात्रियों के लिए भोजन, पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई थी।

सरकारी स्कूलाें में 70 फीसदी बच्चे नहीं आए

पटना।
भारत बंद का सरकारी स्कूलों में भी व्यापक असर दिखा। सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 30 फीसदी रही। बच्चे सड़क पर हंगामा देख घर लौट गए। अभिभावकों ने अनहोनी की आशंका को देखते हुए अपने बच्चों को स्कूल भेजने की जहमत नहीं उठाई। छात्रों के स्कूल नहीं पहुंचने से कला उत्सव और खेलकूद के कार्यक्रम तरंग की तैयारी पर असर पड़ा।

बंद रहे शॉपिंग मॉल, दुकानें और गाड़ियों के शोरूम

पटना। बंद के कारण राजधानी में कारोबार प्रभावित रहा। व्यावसायिक संगठनों के अनुसार 100 करोड़ से अधिक का कारोबार बाधित हुआ। 30 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन लॉस हुआ। एग्जीबिशन रोड की दुकानें 2 बजे तक पूर्णत: बंद रहीं। बिग बाजार, पेंटालून समेत सभी प्रमुख शॉपिंग मॉल बंद रहे। आईसीआईसीआई बैंक, कार्पोरेशन बैंक समेत अन्य सभी बैंकों ने आधे दिन तक आधा शटर गिरा कर काम किया। बंदी के कारण ग्राहक सामान्य दिनों की तरह नहीं पहुंचे। लव कुश टॉवर परिसर बिलकुल सन्नाटे में रहा। हंगामे के डर से पास का पेट्रोल पंप भी बंद रखा गया। इसी तरह फ्रेजर रोड पर सन्नाटा रहा। 2 बजे के बाद ही दुकानदारों ने शटर उठाया। बोरिंग रोड और बोरिंग कैनाल रोड में भी कमोबेश यही हाल रहा। ऑटो मोबाइल शोरूम नहीं खुले। गिन्नी मोटर्स और होंडा के शोरूम देर तक बंद रहे। इधर बाकरगंज व मुरादपुर सर्राफा बाजार में भी हालात बुरे रहे। कई जगह पार्टी कार्यकर्ताओं और बंद समर्थकों के हुड़दंग से दुकानदार सहमे रहे और कोई भी प्रतिष्ठान नहीं खुला। कंकड़बाग में भी बंदी का असर स्पष्ट दिखा।

परिचालन 10 घंटे बाधित

लेट पहुंचने से छूटी 100 यात्रियों की फ्लाइट

पटना।
बंद की वजह से सोमवार को करीब एक सौ यात्रियों की फ्लाइट छूट गई। हालांकि बंद को देखते हुए पटना एयरपोर्ट पर यात्री अपनी फ्लाइट के समय से घंटों पहले ही पहुंच रहे थे। सुबह छह बजे तक अच्छी संख्या में यात्री पहुंच चुके थे। वेटिंग एरिया में जब कुर्सियां कम पड़ने लगीं तो एयरपोर्ट प्रशासन की ओर अतिरिक्त कुर्सियों की व्यवस्था की गई।

इन जगहों पर रोकी गईं ट्रेनें

दानापुर मंडल के राजेंद्रनगर टर्मिनल, टेका बिगहा, आरा, राजगीर, गुलजारबाग, पटना साहिब, शेखपुरा, बाढ़, समस्‍तीपुर मंडल के कोपरिया, लहेरियासराय, हायाघाट, दरभंगा, कपरपुरा-मुजफ्फरपुर रेलखंड, सोनपुर मंडल के हाजीपुर, घोसवर, उजियारपुर, खगड़िया, तेघरा-बरौनी के बीच, साहिबपुर कमाल, सहदेई बुजुर्ग, भगवानपुर, गोरौल, रामदयालु नगर आदि जगहों पर ट्रेनों का परिचालन बाधित किया गया।

अस्पतालों में डॉक्टर तो आए, कम पहुंचे मरीज

पटना|भारत
बंद का राजधानी के अस्पतालों पर भी असर पड़ा। ओपीडी में काफी कम मरीज पहुंचे। पीएमसीएच के ओपीडी में रोजाना 2700 से 2900 मरीज आते हैं, लेकिन सोमवार को बंद की वजह से 1683 मरीजों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया। पटना एम्स के ओपीडी में 1475 मरीज पहुंचे, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या 2400 होती है।

पटना जंक्शन पर दारोगा से उलझे बंद समर्थक, खुद को किसी तरह बचाया