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हिन्दी साहित्य सम्मेलन में गोस्वामी तुलसीदास की जयंती मनाई गई

2 वर्ष पहले
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तुलसी ने लोक-नायक कवि के रूप में प्रतिष्ठा पाई

कवियों ने गजल से रखी अपनी बात

इस अवसर पर कवि सम्मेलन में शंकर प्रसाद ने अपनी ग़ज़ल, नयन में आज फिर लहरा गए बादल, पताका दर्द की फहरा गए बादल..., डॉ. मधु वर्मा ने भोजपुरी में अपने इस गीत से तुलसी और श्री राम का स्मरण किया कि अंखियान सब जोहेली बाट कब राम अयोध्या अइहें, राम अयोध्या अइहें, सूतल धरती के धरम जगइहें। राज कुमार प्रेमी, बच्चा ठाकुर, आचार्य आनंद किशोर शास्त्री, पंडित गणेश झा, रीता सिंह, राहुल राज, नवल किशोर शर्मा, डॉ. विनय कुमार विष्णुपुरी, सच्चिदानंद सिन्हा, राज किशोर झा, बांके बिहारी साव, नेहाल कुमार सिंह, अर्जुन प्रसाद सिंह, मुकेश कुमार ओझा जैसे कवियों ने भी अपनी रचनाओं का पाठ किया। मंच संचालन योगेन्द्र प्रसाद मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन आनंद किशोर मिश्र ने किया।

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