किसानों को फसल क्षति का मुआवजा देगी सरकार
दो दिनों तक हुई बारिश से रबी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। जिलों में किस फसल काे कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन कर रिपोर्ट मांगी गई है। कृषि विभाग ने सभी जिला कृषि पदाधिकारी और प्रमंडलीय संयुक्त निदेशक से बारिश से हुई नुकसान की पूरी रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध कराने के लिए कहा है। फसल नुकसान पर सरकार किसानों को सहायता देगी। कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि 13 मार्च की सुबह 8 बजे से 14 मार्च की सुबह 8 बजे तक 15.6 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि सामान्य वर्षा 0.2 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। असमय वर्षा से खेतों में तैयार दलहनी और तेलहनी फसलों के साथ गेहूं और अन्य रबी फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना मिल रही है।
मिलेगी इनपुट सब्सिडी : सभी किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक और प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र के सभी किसानों के फसलों के नुकसान की वास्तविक स्थिति की जानकारी दें। असमय वर्षापात और जलवायु परिवर्तन के कारण किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए सरकार संकल्पित है। सरकार के खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का है। फरवरी में असमय वर्षा, आंधी और ओलावृष्टि के कारण खड़ी फसलों को हुई क्षति की भरपाई के लिए किसानों को इनपुट सब्सिडी देने की प्रक्रिया जारी है।
मटन, चिकेन व अंडा खाने
से नहीं होता कोरोना संक्रमण
पटना|पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि मटन, चिकेन और अंडा खाने से कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं होता है। चिकेन, मटन व अंडा खाने से कोरोना वायरस होने का कोई मामला नहीं आया है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इस तरह की भ्रामक बातों का प्रचार कर रहे हंै। इससे मुर्गा, अंडा और मछली उत्पादकों को काफी नुकसान हो रहा है। मुर्गा, मछली और अंडा प्रोटीन के मुख्य स्रोत हैं। मांस, मछली और चिकेन को अच्छी तरह धोकर पकाने से किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं होता है। सामान्य कोरोना वायरस सामान्य खाना बनाने वाले तापमान 70 डिग्री सेल्सियस पर ही आसानी से नष्ट हो जाता है। कच्चा या अधपका मांस और कच्चे दूध के सेवन से बचना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोरोना वायरस के संभावित पशु स्रोतों की कोई पुष्टि नहीं हुई है। पालतू जानवरों में भी संक्रमण नहीं होता है।
खराब फसल का मुआवजा दे सरकार : कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से राज्य के किसानों की कमर टूट गई है। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग की है।