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महामूर्ख सम्मेलन: मैं मूर्ख था, मूर्ख हूं, मूर्ख ही रहूंगा

एक वर्ष पहले
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मैं मूर्ख हूं। मैं मूर्ख था। मैं मूर्ख रहूंगा। मैं मूर्खता के सिवा कुछ नहीं करूंगा। मूर्खता मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है। यह गगन-भेदी उद्घोष महामूर्ख सम्मेलन की शुरुआत में सभी मूर्ख-जनों ने महामुर्खिस्तान के संकल्प-पत्र पढ़कर किया। मौका था शनिवार को राजधानी के आईआईबीएम में आयोजित 66वां महामूर्ख सम्मेलन का। महामूर्ख सम्मेलन समिति के महासचिव विष्णु प्रभाकर मुर्खिस्तान के स्थायी महामूर्ख सम्राट उत्तम कुमार सिंह के आगमन की घोषणा करते हैं। इसके समर्थन में उत्तम सिंह अमर रहे, अमर रहे के नारे लगने लगे। अभी यह दौर खत्म भी नहीं हुआ था कि बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ को प्रवेश-द्वार पर द्वारपाल रोक लेते हैं। कारण था कि उन्होंने पिछले वर्ष साहित्य और ज्ञान से संबंधित कई कार्यक्रम में भाग लिया।

इस दौरान उनके अनुनय करने और लिखित आश्वासन देने के बाद ही उन्हें प्रवेश करने की अनुमित मिली। उन्होंने कहा कि अब वे भविष्य में कभी भी साहित्य और ज्ञान संबंधि कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। इसके बाद राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मूर्ख मंत्रक राजकुमार प्रेमी के खुशामद करने के बाद अनिल सुलभ वापस जाओ..वापस जाओ नारों का शांत किया जा सका। वहीं, कार्यक्रम में फगुआ गीतों से सभागार में जोगीरा का लगातार कुटिल बाण की बौछार होती रही।

रंग लगाकर दिया भाईचारे का संदेश

सिटी रिपोर्टर। समर्पण विशेष विद्यालय, चाइल्ड कन्सर्न और बिहार सिविल सोसायटी फोरम की ओर से होली मिलन समारोह का आयोजन कंकड़बाग स्थित समर्पण सेमीनार हॉल में शनिवार काे किया गया। इस समारोह में ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, नेत्रहीन एवं बहु-दिव्यांग बच्चों ने एक- दूसरे को रंग लगाकर होली पर भाईचारे का संदेश दिया। दिव्यांग बच्चे काफी खुश थे, क्योंकि उनके लिए फन गेम, नाच-गाना और विशेष खाने-पीने की भी व्यवस्था थी। होली मिलन समारोह का संचालन संतोष कुमार सिन्हा ने किया और धन्यवाद ज्ञापन नवीन कुमार ने दिया।

मटका फोड़ बना आकर्षण का केंद्र

सिटी रिपोर्टर |साई-शिवम पब्लिक स्कूल की ओर से शनिवार को दीघा घाट स्थित स्कूल कैंपस में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इसमें सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र मटका फोड़ कार्यक्रम रहा। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने ग्रुप में भारतीय संस्कृति से जुड़ी होली गीतों पर जमकर डांस किया। साथ ही स्कूल के सभी सदस्यों ने होली गीतों का आनंद लेने के साथ-साथ लजीज व्यंजनों का भी लुत्फ उठाए। एक ओर बच्चे अपने गुरुओं के पैर पर अबीर लगा उनसे आशीर्वाद ले रहे थे, तो वहीं दूसरी ओर गुरु जन भी बच्चों के ललाट पर अबीर लगा उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे थे।

आईआईबीएम में महामूर्ख सम्मलेन में शामिल हुए शहर के गणमान्य।
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