पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

फरवरी में बारिश व ओलावृष्टि से फसल क्षति पर 13500 रुपए प्रति हेक्टेयर तक किसानों को अनुदान

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रेम कुमार, कृषि मंत्री। - Dainik Bhaskar
प्रेम कुमार, कृषि मंत्री।
  • कृषि विभाग ने 11 जिलों से 1.42 लाख किसानों ने अनुदान के लिए दिया है आवेदन
  • फसल इनपुट अनुदान के लिए किसान 23 तक दे सकते आवेदन

पटना. फरवरी में असमय वर्षा, आंधी व ओलावृष्टि से फसल क्षति का किसानों को सरकार प्रति हेक्टेयर तक अधिकतम 13500 रुपए अनुदान देगी। रबी 2019-20 में 11 जिलों से फसल क्षति की रिपोर्ट मिली है। 23 तारीख तक फसल नुकसान के लिए किसान आवेदन दे सकते हैं। इन जिलों में औरगाबाद, भागलपुर, बक्सर, गया, जहानाबाद, कैमूर, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर व वैशाली शामिल है। कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बारिश व ओलावृष्टि से फसल नुकसान का सभी प्रभावित किसानों को अनुदान दिया जाएगा। केंद्र द्वारा निर्धारित प्राकृतिक आपदा और राज्य सरकार द्वारा स्थानीय आपदा के तहत निर्धारित सहायता मापदंड के अनुरूप दिया जाएगा। असिंचित क्षेत्र में फसल के लिए 6800 रुपए प्रति हेक्टेयर और सिंचित क्षेत्र के किसान को प्रति हेक्टेयर 13500 रुपए अनुदान मिलेगा। एक किसान अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए अनुदान ले सकता है। प्रभावित किसान को इस योजना में न्यनतम 1000 रुपए अनुदान दिया जाएगा।


मंत्री ने कहा कि योजना का लाभ ऑनलाइन पंजीकृत किसानों को ही दिया जाएगा। प्रभावित किसान जो पहले से पंजीकृत नहीं है, वे कृषि विभाग के वेबसाइट www.krishi.bih.nic.in पर दिए लिंक dbtagriculture.bihar.gov.in पर लॉग इन कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। किसान नजदीक कॉमन सर्विस सेंटर या वसुधा केंद्र पर भी 10 रुपए शुल्क भुगतान कर निबंधन करा सकते हैं। किसी भी कंप्यूटर सेंटर या खुद निबंधन कर सकते हैं। इनपुट अनुदन की राशि किसानों को उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में देने का प्रावधान है। अभी तक 1 लाख 41 हजार 853 किसानों ने कृषि अनुदान के लिए आवेदन दिया गया है।

खबरें और भी हैं...