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नदियों में पानी बढ़ा, बाढ़ की आहट भांप, नाव बनाने में जुटे कारीगर

सीओ शंकरलाल विश्वकर्मा ने बताया कि 10 नाव पहले से प्रखंड के पास है। जिसमें से 3 नाव चहुंटा घाट पर चल रही है।

Danik Bhaskar | Jul 03, 2018, 03:07 PM IST

औराई. कटौझा चौक से पश्चिम रून्नीसैदपुर के भादाडीह सहित कई गांवों में जाने वाले लोगों को बांध पर कीचड़मय हो चुकी सड़क से गुजरना पड़ रहा है। नाव की संभावित मांग को देखते हुए नाव बनाने वाले कारीगर निर्माण करते देखे गए।

सीओ शंकरलाल विश्वकर्मा ने बताया कि 10 नाव पहले से प्रखंड के पास है। जिसमें से 3 नाव चहुंटा घाट पर चल रही है। 3 निजी नाव है और 20 नाव की मांग जिला प्रशासन से की गई है। आपदा के समय उंचे स्थानों का चयन किया गया है व मेडिकल टीम की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी गई है।

बांध की स्थिति जर्जर, नाव की व्यवस्था नहीं
मुरौल का 15 किलोमीटर बूढ़ी गंडक नदी के जद में है, लेकिन सरकार के बाढ़ पूर्व तैयारियां खोखला दिखाई दे रही है। महमदपुर, दरधा, पिलखी, मीरापुर, मोहनपुर, सादिकपुर मुरौल, बिशनपुर बखरी आदि गांवों में बांध की स्थिति बिल्कुल जर्जर है। नदी के दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। सीओ जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं हो पाई है।