पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

‘कुंवर सिंह की प्रेमकथा’ में खुलेंगे इतिहास के पन्ने

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पटना | रंगमंच की संस्था ‘थियेटर यूनिट’ की ओर से 10 और 11 अगस्त को प्रेमचंद रंगशाला में ‘कुंवर सिंह की प्रेमकथा’ का मंचन शाम 6.30 बजे किया जाएगा। नाटक में कुंवर सिंह की जीवनी के अनछुए पहलुओं को उजागर किया गया है। वे 1857 के सिपाही विद्रोह के प्रमुख सेनानी और कुशल नेतृत्वकर्ता थे। उन्होंने कई युद्धों में अंग्रेजों के दांत खट्टे किए। ये बातें नाटक के निर्देशक रामकुमार ‘मोनार्क’ ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं। अदिति कम्युनिटी सेंटर में हुए कान्फ्रेंस में राम कुमार ने कहा कि कुंवर सिंह की प्रेमकथा को पहली बार शहरवासी देखेंगे। नाटक के लिए सेट को बिल्कुल अलग अंदाज में तैयार किया गया है।

वीर कुंवर सिंह की जीवनी को पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए

संपादक शीतांशु कुमार सहाय ने बिहार सरकार और केंद्र सरकार से मांग की कि वीर कुंवर सिंह की जीवनी को विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए ताकि छात्र उनसे शौर्य और देशभक्ति की प्रेरणा ले सकें। उन्होंने कहा कि वीर कुंवर सिंह मुसलमान नर्तकी धरमन से प्रेम करते थे, ये बहुत कम लोग जानते हैं। उनकी प्रेमकथा को नाटक के जरिए दिखाया जाएगा। नाटक में पांच गाने होंगे। यह दो घंटे का होगा। गीत मुरली मनोहर श्रीवास्तव और विशाल ने लिखे है। संगीत आशुतोष मिश्र ने दिया है। दर्शक इतिहास के बंद पन्नों को देख सकेंगे।

खबरें और भी हैं...