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मार्च में विदेशों से बिहार आए 3383 लोग किए जाएंगे होम क्वारेंटाइन

5 महीने पहले
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उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने दूसरे राज्यों में रह रहे बिहारी मजदूरों को लॉकडाउन के दौरान रहने-खाने की समुचित व्यवस्था के लिए कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की। उन्होंने उत्तरप्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, हरियाणा के मुख्यमंत्री, पंजाब के वित्त मंत्री तथा तेलंगाना व महाराष्ट्र के मुख्य सचिवों से कहा कि बिहारी मजदूरों का पूरा ध्यान रखा जाए। मोदी के अनुसार सबने बिहारी मजदूरों के रहने-खाने की पूरी व्यवस्था करने का भरोसा दिया। इसके वास्ते सभी राज्य अपने-अपने यहां एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे। ये सभी बिहार में दिल्ली के स्थानिक आयुक्त बिपीन कुमार से समन्वय स्थापित कर पूरी व्यवस्था करेंगे। इससे पहले उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कठिन दिनों में गरीबों की मदद करना समाजवाद है, लेकिन कांग्रेस इसमें भी पूंजीवाद सूंघ रही है। जो लोग जेल के भीतर से या बिहार के बाहर से ट्वीट कर रहे हैं, उन्हें गरीबों के साथ खड़ी सरकार के काम दिखाई नहीं पड़ते।

स्वास्थ्य विभाग ने बनाई विशेष टीम

कोरोना वायरस के संक्रमण का देखते हुए स्वास्थ्य विभाग में विशेष टीम बनाई गई है, जो दवा आपूर्ति से लेकर किट व लाजिस्टिक का ध्यान रखेगी। इसके अलावा यह टीम ‘कम्युनिटी इंफेक्शन’ के हर पहलू पर भी नजर रखेगी।
-संजय कुमार, प्रधान सचिव (स्वास्थ्य विभाग, बिहार)

पूर्वी चंपारण में विदेश से आए सबसे अधिक लोग

पूर्वी चंपारण की सबसे अधिक 653 लोग इस माह विभिन्न देशों से आए हैं। दरभंगा में 548 लोग, छपरा में 478 लोग, मुजफ्फरपुर में 255 लोग और सीवान में 257 लोग मार्च में विदेशों से लौटे हैं। इसके अलावा विशेष ट्रेनों से पिछले कुछ दिनों में दूसरे प्रदेशों से 58000 लोग बिहार वापस लौटे हैं। इधर, मुख्य सचिव ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने और लॉकडाउन की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सरकार ने जिलों के प्रभारी सचिव को सौंप दी है। उन्हें अपने जिले के डीएम और अन्य अधिकारियों के संपर्क में रहने के लिए कहा गया है।

स्कूल और कॉलेजों में बने कम्युनिटी किचन

पटना|आपदा प्रबंधन विभाग ने स्कूल और कॉलेजों को आपदा राहत केंद्र बनाते हुए वहां कम्युनिटी किचन बनाने का निर्देश सभी डीएम को दिया है। विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि जिला मुख्यालयों में ऐसे व्यक्ति जिन्हें भोजन और आवास की सुविधा नहीं है उनके भोजन के लिए कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की जाये। इस दौरान सोशल डिस्टेंशिंग का पालन किया जाए। वहां पर्याप्त संख्या में पुलिस और डाक्टर तैनात किए जाएं।

सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करें : अश्विनी चौबे

पटना|केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि कोरोना महामारी को हम सभी संकल्प व संयम के साथ हराएंगे। इसके लिए केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना करना जरूरी है। वहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबों के लिए जारी राहत पैकेज का स्वागत और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश में खाद्य पदार्थों से लेकर दवाइयों व अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं है। पैनिक होने की जरूरत नहीं है।

आजादी के बाद राहत का यह सबसे बड़ा फैसला

पटना|पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा कि कोरोना वायरस से निबटने के लिए छिड़े जंग में शामिल गरीबों के लिए केंद्र सरकार का 1.70 लाख करोड़ का पैकेज आजाद भारत में राहत का सबसे बड़ा फैसला है। इसका फायदा 80 करोड़ लाभार्थी को मिलेगा। इसमें समाज के हर तबके का ख्याल रखा गया है। एेसा गरीबों के लिए पहले कभी नहीं किया गया था। संकट की इस घड़ी में भी प्रधानमंत्री की नजर समाज के अंतिम व्यक्ति तक है। बिहारवासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस ऐतिहासिक फैसले के लिए आभार। इसी प्रकार बिहार सरकार ने आज अन्य राज्यों में प्रवासी बिहारियों व दिहाड़ी पर काम करने वालों के रहने, खाने व विद्यालयों में पड़ाव के लिए 100 करोड़ रुपए की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इसके लिए साधुवाद। केंद्र और राज्य की डबल इंजन की सरकार कोरोना संकट के मद्देनजर गरीबों के हित का ख्याल रख उन्हें हर संभव सुविधा देने की दिशा में तत्पर है।

दूसरे राज्यों में फंसे बिहारियों के लिए 100 करोड़ का फंड सकारात्मक कदम

पटना|स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कोरोना वायरस से परेशान देशवासियों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1.70 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार जताया है। वहीं दिल्ली एवं अन्य जगहों पर फंसे बिहार के लोगों के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी 100 करोड़ के पैकेज को सकारात्मक कदम बताते हुए मुख्यमंत्री की सराहना की है। कहा- आर्थिक पैकेज से गरीब-गुरबों के अलावा दिहाड़ी और फु़टपाथ दुकानदारों को राहत मिलेगी।

मुख्य सचिव ने नगर निकायों के प्रतिनिधियों के साथ की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

सुशील मोदी ने कई मुख्यमंत्रियों से की बात, अपने यहां के बिहारी मजदूरों का ध्यान रखने का किया आग्रह

पॉलिटिकल रिपोर्टर|पटना

बिहार में विदेशों से आए लोगों को होम क्वारेंटाइन करना बड़ी चुनौती है। सिर्फ मार्च में ही लॉकडाउन से पहले तक राज्य में दूसरे देशों से 3383 लोग आए हैं। गुरुवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार ने नगर निकायों के मेयर, डिप्टी मेयर, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और वार्ड कमिश्नर के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जिसमें उन्होंने विदेशों से बिहार आए लोगों की संख्या को सार्वजनिक किया। साथ ही ऐसे लोगों को होम क्वारेंटाइन कराने के लिए नगर निकाय प्रतिनिधियों से मदद मांगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान नगर निकाय प्रतिनिधियों से दुकानदारों व मजदूरों को पास बनवाने में भी मदद करने के लिए कहा गया। अब यह व्यवस्था की जा रही है कि पास ऑनलाइन जारी किया जाए। ताकि दुकानदारों या अन्य लोग मजदूरों को एसडीओ ऑफिस जाने की जरूरत ही ना पड़े। मुख्य सचिव ने कहा कि लॉक डाउन को सफलतापूर्वक लागू कराना और कोरोना वायरस के प्रसार को रोकना नगर निकाय प्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी है।

} 16 सदस्यीय इमरजेंसी रिस्पांस एंड को-आॅर्डिनेशन टीम बनी। यह टीम कमांड व कंट्रोल सेंटर के रूप में काम करेगी। नेतृत्व स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव करेंगे।

} गांवों में कोरोना के फैलाव को रोकने की जिम्मेदारी पंचायती राज संस्थाओं को।

} कालाबाजारी को रोकने के लिए जिलों में डीएम, एसडीओ, एसडीपीओ व जिला आपूर्ति पदाधिकारी की विशेष टीमें।

} गांवों में स्कूल, सामुदायिक भवन तथा अन्य बड़े भवन बनाए गए क्वेरेंटाइन सेंटर।

} एनएमसीएच को कोरोना अस्पताल बनाया गया। सभी अस्पतालों में बेड बढ़ाए गए।

} आरएमआई के बाद आईजीआईएमएस और पीएमसीएच में जांच की सुविधा हो रही बहाल।

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