पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सीवान में 33,15,671 लोगों को दी जाएगी फाइलेरिया से बचाव की दवा

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिले में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम(एमडीए) की शुरुआत की गई। इस अवसर पर बुधवार को जिला सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के साथ अन्य जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने फाइलेरिया की दवा सेवन कर कार्यक्रम की आधिकारिक शुरुआत की। इस अवसर पर जिला सिविल सर्जन डॉ. आशेष कुमार ने बताया फाइलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में अगले 14 दिनों तक सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा घर-घर जाकर 2 साल से अधिक उम्र के लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा खिलाएंगी। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर रोग है, जिसे फाइलेरिया की दवा सेवन से ही बचा जा सकता है। कभी-कभी फाइलेरिया के परजीवी शरीर में होने के बाद भी इसके लक्ष्ण सामने आने में वर्षों लग जाता है। इसलिए फाइलेरिया की दवा का सेवन सभी लोगों के लिए लाभप्रद है। उन्होंने बताया लोग खाली पेट दवा का सेवन नहीं करें। उन्होंने बताया 2 साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रोग से ग्रसित एवं गर्भवती महिला को फाइलेरिया की दवा नहीं खिलाई जाएगी। इस अवसर पर जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मणिराज रंजन, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार पांडेय, भीबीडी यज्ञ शर्मा, एमआई प्रिति आनंद, विजय कुमार, लिपिक बीरबहादुर यादव समेत अन्य चिकित्साकर्मी मौजूद थे।

दवा खिलाने को 1601 कर्मियों की बनाई गई टीम

कार्यक्रम का उदघाटन करते सिविल सर्जन व अन्य।

डीईसी एवं अलबेंडाजोल की गोलियां खिलाई जाएंगी

इस अभियान में डीईसी एवं एलबेंडाजोल की गोलियां लोगों की दी जाएगी। 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की एक गोली एवं एलबेंडाजोल की एक गोली, 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो गोली एवं एलबेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष से अधिक लोगों को डीईसी की तीन गोली एवं एलबेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। एलबेंडाजोल का सेवन चबाकर किया जाना है।

सुपरवाइजर की हुई नियुक्ति

जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मणिराज रंजन ने बताया कि अभियान के कुशल क्रियान्वयन के लिए दो आशाओं की एक टीम बनाई गई है। इसके लिए टीम का गठन कर लिया गया है। 1601 कर्मियों की टीम बनाई गई है। प्रत्येक दस आशा कार्यकर्ताओं पर एक सुपरवाईजर की प्रतिनियुक्ति की गयी है। एक टीम छह दिन ही काम करेगी।

एक दिन में 50 घरों मे दवा खिलाएंगी आशा

प्रत्येक आशा को एक दिन करीब 50 घर में दवा खिलाने का लक्ष्य दिया गया है। अभियान को सफल बनाने के लिएआशा एवं आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका घर-घर जाकर लक्षित समुदाय को फाइलेरिया की दवा खिलाएगी। साथ ही आशा एवं आंगनवाड़ी यह सुनश्चित करेंगे कि उनके सामने ही लोग दवा का सेवन करें।

खबरें और भी हैं...