शिव पुराण की संहिता में काेराेना कवच के जप से मुक्ति की बात पूरी तरह गलत

2 वर्ष पहले
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पटना| काेराेना की त्रासदी झेल रहे लाेगाें काे हिम्मत बंधाने के बजाए साेशल मीडिया पर कर्इ तरह की फेक खबरें चल रही हैं। गुरुवार की सुबह एक अाैर खबर वायरल हुर्इ कि शिव पुराण में वर्णित है काेराेना कवच, जिसका जप करने से काेराेना बीमारी ठीक हाे जाएगी। लेकिन, जांच के बाद ज्याेर्तिवेद विज्ञान केंद्र के निदेशक ज्याेतिषाचार्य राजनाथ झा इस खबर काे पूरी तरह गलत बताया है। कहा कि ऐसी परिस्थिति में जहां पूरी दुनिया काेराेना रूपी भीषण महामारी के दौर से गुजर रहा है। हर मानव इस विषम परिस्थिति से उबरने की कोशिश में जुटा है। भारत वर्ष में सनातन धर्म, वेद पुराण आदि आधुनिक युग मे भी पूर्ण प्रासंगिक हैं। इस तरह के फेक खबराें से भारत वर्ष में सोशल मीडिया के द्वारा पुराणों के वचनों का अाैर ऋषियों की वाणी को अपवित्र करने का प्रयास किया जा रहा है। खुला चैलेंज किया कि शिव पुराण में कहां वर्णित है काेराेना कवच? शिव पुराण के किसी भी संहिता में कोरोना कवच कहीं नहीं है। कोरोना शब्द संस्कृत का नहीं है। अंग्रेजी शब्द है कोरोना। कोरोना का अर्थ होता है- ग्रहण के समय सूर्य और चंद्रमा के प्रकाश का घेरा, प्रभा मंडल या तेजो मंडल। उन्हाेंने सभी सनातन धर्मावलंबियाें से अपील किया कि इन अफवाहों पर ध्यान नहीं दें।

- वाट्सएप पर चल रहा है कि शिव पुराण में वर्णित है काेराेना कवच, जिसके जप करने से काेराेना बीमारी से मुक्ति मिल जाएगी

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