योजना / अपने घरों की छतों पर लगवाएं सोलर पावर प्लांट, बचाएं 80 फीसदी खर्च



inset solar power plant on Your Homes Terraces and save Save money
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inset solar power plant on Your Homes Terraces and save Save money

  • आम लोगों के घरों पर लगेंगे सोलर पावर प्लांट, तीन से चार हजार लोगों को होगा लाभ
  • सरकार ने 11 मेगावाट क्षमता के लिए लोगों से मांगे आवेदन

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2019, 06:11 PM IST

पटना.  अपने घरों की छतों पर पावर प्लांट लगाकर 80 फीसदी बिजली की बचत कर सकते हैं। राज्य सरकार ने सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना की शुरुआत कर दी है। शनिवार को उर्जामंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने इस योजना को लांच किया।

 

उन्होंने इसके पोर्टल की भी शुरुआत की। इसी पोर्टल के माध्यम से लोग अपने घरों की छतों पर सोलर पावर प्लांट लगाने का आवेदन कर सकेंगे। ब्रेडा पूरी योजना की मानिटरिंग करेगा। माना जा रहा है कि नयी योजना से कम से कम तीन से चार हजार लोगों को सीधा लाभ हे सकेगा।

 

उर्जामंत्री ने कहा कि प्रकृति का व्यवहार लगातार बदल रहा है और यह बताता है कि हम बड़े खतरे के दरवाजे पर खड़े हैं। प्रकृति से छेड़छाड़ हर हाल में बंद होना चाहिए। प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग से उत्पन्न स्थिति को दूर करने के लिए अपारंपरिक उर्जा ही बेहतर विकल्प साबित होगा। ग्लोबल वार्मिंग के कुप्रभावों से अपारंपरिक उर्जा हमें बचाता है। मानव को अपना अस्तित्व बचाने के लिए प्राकृति संसाधनों पर निर्भरता कम करनी होगी।

 

मंत्री ने बताया कि बिहार में सोलर उर्जा के लिए अकूत संभावनाएं हैं। यहां तीन से चार महीने तक सूर्य की रोशनी निर्बाध उपलब्ध है। इसके बाद भी इसकी रोशनी की उपलब्धता आंशिक रूप से ही सही पर, पर्याप्त मात्रा में रहती है। इस लिहाज से यहां सोलर पावर प्लांट की व्यापक उपयोग किया जा सकता है।

 

उर्जा विभाग के प्रधान सचिव सह पावर होल्डिंग कंपनी के सीएमडी प्रत्यय अमृत ने बताया कि कजरा और पीरपैंती में सोलर पावर प्लांट के लिए पूरी प्रक्रिया अंतम चरण में है। इस संबंध में प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट को भेजा जाएगा। यहां 250-250 मेगावाट क्षमता के बिजलीघर लगेंगे। उन्होंने कहा कि प्राकृतित संसाधन सीमित हैं, ऐसे में हमें अक्षय उर्जा के रास्ते पर जाना ही होगा। बिहार में अपारंपरिक उर्जा के समुचित विकास के लिए रेस्को मॉडल अपनाया जा रहा है।

 

ब्रेडा के निदेशक आलोक कुमार ने कहा कि ग्रिड कनेक्टेड रुफ टॉफ सोलर पावर प्लांट लगाने की यह योजना गैर सरकारी आवासों के लिए है। 20-30 वर्षों में उर्जा के पांरपरिक स्रोत बेहद सीमित रह जाएंगे। हमें अपारंपरिक उर्जा पर फोकस करना होगा। वर्ष 2022 तक बिहार में तीन हजार मेगावाट बिजली अपारंपरिक उर्जा से पैदा करना है। इसमें एक हजार मेगावाट बिजली सोलर पावर से आएगी।

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