भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए संस्कृत पढ़ना जरूरी

Patna News - संस्कृत को जन भाषा बनाने के लिए प्रयासरत विश्वस्तरीय संगठन संस्कृत भारती का पहला विश्व सम्मेलन शनिवार को दिल्ली...

Nov 10, 2019, 06:10 AM IST
संस्कृत को जन भाषा बनाने के लिए प्रयासरत विश्वस्तरीय संगठन संस्कृत भारती का पहला विश्व सम्मेलन शनिवार को दिल्ली के छतरपुर में हुआ। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि संस्कृत भारती संजीवनी का संचार करती है। संस्कृत भारती ने संस्कृत संभाषण को आंदोलन के रूप में लिया है। आज 21 देशों में एक लाख लोग संस्कृत बोल रहे हैं। पूरे भारत में 1 से 12 कक्षा तक तीन करोड़ के लगभग छात्र संस्कृत पढ़ लिख रहे हैं। अखिल भारतीय महामंत्री श्रीश देव पुजारी ने कहा कि 17 देशों में संस्कृत भारती का कार्य चल रहा है। 21 देशों के 76 प्रतिनिधि इस विश्व सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान के शैक्षणिक निर्देशक चांद किरण सलूजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़ा। इस दाैरान सांसद प्रतापचंद्र षडंगी, प्रो. भक्त वत्सल शर्मा, डॉ. रमेश झा, प्रो. प्रकाश पांडेय, डॉ. त्रिलोक झा, डॉ. कुमुदानंद झा, डॉ. कृष्ण कुमार मिश्र, ऋषिकेश कुमार, डॉ. श्याम सुंदर चौधरी, राघव कुमार, कन्हैया कुमार, राजीव नयन झा आदि मौजूद थे।

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