इटली अौर अमेरिका से भारत बेहतर 30 दिन में तीन से सिर्फ 113 मरीज
15 फरवरी से 14 मार्च तक 5 देशों में यूं बढ़ा काेरोना का संक्रमण
लद्दाख में लेह जिले का कुशहाट गोंगमा गांव 28 दिन से सील है। किसी को गांव के अंदर या बाहर जाने की इजाजत नहीं। इसी गांव से कोराेना वायरस के 3 केस मिले हैं। इनमें से दो मरीज हाल ही में ईरान से लौटे हैं और एक इनके परिवार का सदस्य है। तीनों का इलाज लेह के एसएनएम अस्पताल में चल रहा है। 3 हजार की आबादी वाला कुशहाट गोंगमा लेह से 13 किमी दूर है। गांव से बड़ी संख्या में तीर्थ यात्री ईरान गए थे। इनमें से 102 को दाे जत्थों में भारत लाया गया है। कमिश्नर सेक्रेट्री रिग्जिन संपेल ने बताया कि गांव पर नजर रखने के लिए तहसीलदार, बीएमओ और पुलिस इंचार्ज की समिति बनाई गई है। गांव को चार सेक्टर में बांटा गया है। हर सेक्टर के लिए एक आशा कार्यकर्ता, एक एएनएम और एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता है। काेराना संभावितों की राेज जांच की जा रही है। जिला प्रशासन गांव के लोगों को जरूरी खाने-पीने के सामान पहुंचा रहा है।
इलाज में जुटे डॉक्टर बोले- 10 घंटे विशेष ड्रेस में रहने से दम घुटता है...
नई दिल्ली के राम मनोहर लोहिया
अस्पताल से पवन कुमार
कोरोनावायरस के मरीजों के इलाज में लगे डाॅक्टर कहते हैं कि उन्हाेंने इससे खतरनाक वायरस से पीड़ित मरीजों का इलाज किया है। कोरोना के इलाज में डर नहीं लगता। लेकिन इस बीमारी को लेकर इतना पैनिक कर दिया गया है, जिससे घरवाले घबराते हैं। हालांकि, यह वायरस उतना खतरनाक नहीं है, जितना इबोला, निपाह और ट्यूबरकुलोसिस जैसी बीमारियों में आमतौर पर होता है।
राम मनोहर लोहिया अस्पताल में शुक्रवार तक दो मरीज भर्ती थे। महिला मरीज की मौत के बाद उनके बेटे को सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। यहां तैनात एक डॉक्टर ने कहा कि कोरोनावायरस इतनी तेजी से फैलता है कि मरीज के वार्ड में रहने के दौरान पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) पहने रखना पड़ता है। पीपीई सिर से पैर तक पूरी तरह ढंकता है। लगातार 8-10 घंटे पीपीई पहनने के कारण दम घुटने लगता है। पीपीई की कमी के चलते एक दिन में एक डॉक्टर को एक ही किट दी जाती है। पीपीई पहनकर न तो कुछ खा-पी सकते हैं और न ही फोन पर बात कर सकते हैं। मरीज की हालत ठीक नहीं होने पर डॉक्टर को 16 घंटे भी ड्यूटी करनी पड़ सकती है। डॉक्टर कहते हैं कि इलाज के लिहाज से कोई चुनौती नहीं है। कोरोना पेशेंट के वार्ड में रहने के दौरान एहतियात बरतनी पड़ती है। घर जाने के बाद डॉक्टर सामान्य तरीके से घर-परिवार के साथ रहते हैं और खाते-पीते भी हैं।
कोरोना को 30 दिन रोक पाए तो ही जीतेंगे जंग: आईसीएमआर
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने चेतावनी दी है कि देश में कोरोनावायरस का खतरा दूसरे चरण में पहुंच चुका है। अगर इस पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया तो यह खतरा तीसरी स्टेज पर भी पहुंच सकता है। संक्रमण के आगे नहीं फैलने या इसे कम से कम करने के लिए सरकार के पास 30 दिन का ही वक्त है। इस समयसीमा के अंदर सरकार कोरोनावायरस का संक्रमण सामुदायिक स्तर पर फैलने से रोक सकती है। इसके लिए सरकार को तत्परता दिखानी होगी। तीसरा चरण शुरू हुआ तो यह सामुदायिक स्तर पर फैलने लगेगा। इसके बाद चौथा चरण आएगा, जब बीमारी महामारी का रूप ले लेती है। उस स्थिति में यह स्पष्ट नहीं होता कि वायरस का फैलाव कब और कहां रुकेगा। चीन और इटली छठे चरण में हैं।
कॉरपोरेट की पहल: इलाज की सुविधा तैयार करने में मदद करेगा इन्फोसिस
{इन्फोसिस ने ऐलान किया है कि वह 500-700 बिस्तर की क्षमता के अस्पताल के लिए ऑक्सीजन लाइन के लिए जरूरी नेटवर्क बिछाने में होने वाले पूरे सिविल का खर्चा उठाएगा।
{डॉ. देवी शेट्टी समूह ने भी कहा है कि वह अस्पताल में ऑक्सीजन नेटवर्क में लगने वाले चिकित्सा उपकरणों के खर्च का वहन करेगा।
{फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने कोरोनावायरस से लड़ाई में 148 करोड़ रुपए की मदद करने का ऐलान किया है।
{चीन की कंपनी अलीबाबा के सह-संस्थापक जैक मा ने कहा है कि वह अमेरिका को 5 लाख कोरोनोवायरस टेस्ट किट और 10 लाख मास्क देंगे। जैक मा यूरोपीय देशों में पहले ही 20 लाख मास्क भेज चुके हैं।
{फैशन ब्रांड अरमानी के मालिक जियोर्जियो अरमानी ने कोरोनावायरस से लड़ने के लिए 100 करोड़ रुपए दान दिए हैं।
{गूगल कोरोनावायरस इंफॉरमेशन साइट बना रहा है, ताकि संक्रमण जांच की किट कहां उपलब्ध है, यह पता चल सके।
खतरा अभी बरकरार
क ोरोनाजंग
73,731 | ठीक हो चुके
5,604 | लोगों की मौत
1,49,593 | संक्रमित थे
लेह में देश का पहला लॉकडाउन क्षेत्र; 3 मरीज थे, 28 दिन से 3 हजार लोग कैद
वायरस से बेखौफ इलाज में जुटे डॉक्टर
28 दिन से सील कुशहाट गोंगमा गांव से
नई दिल्ली | कोरोना से निपटने में अभी तक भारत का ट्रैक रिकॉर्ड अमेरिका, चीन, इटली और दक्षिण कोरिया से बेहतर रहा है। 15 फरवरी को भारत में 3 मरीज थे, जबकि अमेरिका में 15 और इटली में 3 थे। एक महीने में भारत में 113 मरीज हैं और दो मौतें हुईं, जबकि इटली में इस दौरान 1,441 और अमेरिका में 50 मौतें हो चुकी हैं।
राष्ट्रीय के बजाय अधिसूचित आपदा क्यों?
एसडीआरएफ गाइडलाइंस में 12 तरह की राष्ट्रीय आपदा हैं। तूफान, सूखा, आग, बाढ़, सुनामी, ओलावृष्टि, भूस्खलन, हिमस्खलन, बादल फटना, टिड्डी दल का हमला इनमें शामिल हैं। इसमें महामारी का जिक्र नहीं है। इसलिए कोरोना अलग से अधिसूचित किया है। राज्य सरकार एसडीआरएफ के सालाना आवंटन की 10% राशि इस आपदा पर खर्च सकती हैं।
देश 15 फरवरी 14 मार्च मौतें
चीन 68500 80824 3289
इटली 03 21157 1441
द. कोरिया 28 8086 72
अमेरिका 15 2340 50
भारत 03 108 02