बिहार / जगदानंद बोले-लालू ही महागठबंधन के कोऑर्डिनेटर, घटक दलों ने कहा-मंजूर नहीं

राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद । राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद ।
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राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद ।राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद ।

  • विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन में नेतृत्व पर तकरार
  • कांग्रेस, रालोसपा व हम ने कहा-राजद एकतरफा फैसला कैसे ले सकता?

दैनिक भास्कर

Jan 10, 2020, 07:12 AM IST

पटना. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के महागठबंधन के को-आर्डिनेटर (समन्वयक) होने के मसले पर गुरुवार को महागठबंधन छितराया हुआ दिखा। राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद ने लालू प्रसाद को को-ऑर्डिनेटर की हैसियत बताते हुए सभी घटक दलों को इसे कबूलने की बात कही। मगर यह बात सिर्फ वीआईपी माना। बाकी तीन दलों ने ऐतराज किया। जगदानंद ने अपने सहयोगी दलों से पूछा-’कौन है जो बिहार में महागठबंधन की लाइन तय करने वाले लालू प्रसाद की जगह लेना चाहता है? इस नेता का नाम बताएं। स्पष्ट समझ लें कि लालू प्रसाद को ही को-आर्डिनेटर मानकर महागठबंधन के सभी दलों को एकजुट हो आगे बढ़ना होगा।’ दरअसल, हम  व कांग्रेस की तरफ से भी महागठबंधन में को-ऑर्डिनेशन कमिटी बनाने की बात उठायी जाती रही है।

कांग्रेस बोली-सभी घटक दल यह मिलकर तय करेंगे
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा-सूबे में महागठबंधन घटक दलों के बीच बेहतर समन्वय के लिए को-आर्डिनेशन कमिटी जरूरी है। लेकिन इस कमिटी का चेयरमैन कौन होगा, इसका फैसला घटक दलों की बैठक में होगा। घटक दल के नेता ही तय करेंगे की इस कमिटी में कौन-कौन शामिल होगा? 

रालोसपा ने कहा-राजद का तरीका बिल्कुल ठीक नहीं
रालोसपा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा-यह बात उचित फोरम पर हो। आपसी विमर्श से निर्णय लिया जाना चाहिए, न कि मीडिया में इस तरह का सवाल उठाया जाए।

हम का दम- राजद के प्रदेश अध्यक्ष को कोऑर्डिनेटर तय करने का अधिकार नहीं
हम के राष्ट्रीय प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि हम बेहतर समन्वय के लिए लंबे समय से कोआर्डिनेशन कमिटी के गठन की मांग करते रहे हैं। को-आर्डिनेशन कमिटी का चेयरमैन, राजद के प्रदेश अध्यक्ष नहीं तय करेंगे। सब मिलकर करेंगे। राजद इसकी पहल करे।

सिर्फ वीआईपी ने कहा-लालू स्वीकार
वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी बोले-लालू प्रसाद महागठबंधन के सबसे बड़े नेता हैं। वही को-आर्डिनेटर हैं। इस मामले पर कोई सवाल ही नहीं उठता है। 
 

जगदानंद की दलील  

लोकसभा चुनाव में लालू प्रसाद के दिशा-निर्देश में ही महागठबंधन में सभी चीजों को को-ऑर्डिनेट किया गया था। सबसे बड़ा दल का नेता ही को-ऑर्डिनेटर होता है। बिहार में सबसे बड़ी पार्टी राजद है। यह स्वीकार करते हुए कोई भी दल महागठबंधन में आना चाहता है, तो आ सकता है।

अरुण यादव, राजबल्लभ की पार्टी में इंट्री नहीं
जगदानंद ने कहा है कि रेप के आरोपी संदेश विधायक अरुण यादव और नवादा के पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव राजद में नहीं हैं। जब तक ये दोनों रेप के आरोप से बरी नहीं होते इनकी राजद में इंट्री नहीं होगी। दूसरी ओर पुलिस ने अरुण यादव के घर की कुर्की-जब्ती के लिए तैयारी शुरू कर दी है। गुरुवार को प्रशासन ने जमीन की नापी की।

इधर वृशिण पटेल का दांव वैशाली से लड़ेंगे 
हाल में राजद में शामिल हुए वृशिण पटेल ने कहा कि वह राजद के सिंबल पर वैशाली से चुनाव लड़ेंगे। पूरी उम्मीद है कि राजद मुझे इस लायक समझा जाएगा। उन्होंने कहा-सामाजिक न्याय के लिए हम लड़ते रहे हैं, आगे भी लड़ेंगे। पटेल, हम (से.) और रालोसपा होते हुए राजद में शामिल हुए हैं। वह लालू प्रसाद के मुख्यमंत्रित्वकाल में भी काबीना मंत्री थे।

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