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पटना. लोकसभा में बुधवार को बिहार के जेडीयू और भाजपा नेताओं ने जमकर हमला किया। जदयू ने दिल्ली की हिंसा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। दिल्ली हिंसा पर हुई बहस में जदयू के नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं, उनलोगों को इसका कारण बताना चाहिए। कांग्रेस को यह पता ही नहीं है कि वह सीएए का विरोध क्यों कर रही है? कांग्रेस को समझना चाहिए कि जब देश बचेगा, तभी तो वह राजनीति कर पाएगी। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने लोकसभा में कांग्रेस पर देश में सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगाया है।
राजीव रंजन ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने सीएए के जरिए एक बड़ा ऐतिहासिक फैसला लिया है, लेकिन इस पर बेवजह राजनीति की जा रही है। दिल्ली हिंसा के लिए कांग्रेस की घटिया राजनीति जिम्मेदार है। आखिरकार सीएए के मुद्दे पर शिक्षकों को भड़काने का क्या मतलब है? इस कानून का विरोध करने से देश का माहौल बिगड़ा है। कांग्रेस देश को खतरनाक स्थिति में ले जा रही है।
‘पीके गए तेल लेने’
बहस के दौरान तृणमूल सांसद ने कहा- पीके ने जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के नाते सीएए का विरोध किया था, तो यह सुनते ही ललन सिंह भड़क उठे। बोले- प्रशांत किशोर चले गए तेल लेने। उन्होंने कन्हैया कुमार का नाम लिए बिना कहा कि देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ने वाले व्यक्ति ने देशविरोधी नारे लगाए और अब घूम-घूम कर सीएए के विरोध में सभाएं कर रहा है। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।
दिल्ली दंगों में कांग्रेस की अहम भूमिका: जायसवाल
संजय जायसवाल ने कहा कि सीएए को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली में दंगा फैलाने में अहम भूमिका निभायी है। कांग्रेस लोगों को बांटकर राज करने में विश्वास करती है। आजादी के बाद से ही उनकी भूमिका संदेहास्पद रही है। उन्होंने सोनिया गांधी के भाषण को उद्धृत करते हुए कहा कि उन्होंने आर-पार की लड़ाई के लिए लोगों को उकसाया, कहा था कि अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़नी पड़ती है। उनकी लड़की ने भी ऐसी बातों का प्रयोग किया। अगले दिन से शाहीनबाग में धरना शुरू हो जाता है। कपिल मिश्रा पर आरोप लगता है, पर भड़काने वाली बातें कहां से आई सब देख रहे हैं।
जायसवाल ने कहा कि जो यह कहते हैं कि 15 मिनट के लिए पुलिस हटा लो तो दिखा दें, या फिर 15 करोड़ लोग 100 करोड़ पर भारी पड़ेगा। ये कैसी बातें हैं? दिल्ली दंगा के लिए लोगों को भड़काने वाले, महिलाओं को डीसीपी को बुलाकर हिंसा करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। वहां आईएसआई माड्यूल पकड़ा गया। एक घर से तेजाब की फैक्ट्री पकड़ी गई। पेट्रोल बम और बड़े-बड़े गुलेल मिले। घर के ऊपर पत्थर जमा किए गए थे। आईबी ऑफिसर के शरीर पर कई वार किए गए, बच्चियों से दुर्व्यवहार के सबूत मिले हैं। कई लोग पहले आग लगाते हैं और फिर पीड़ित के रूप में सामने आ जाते हैं।
नेहरू के शासनकाल में 16 राज्यों में हुए 243 दंगे
डॉ. जायसवाल ने कहा कि आजादी के पहले से कांग्रेस की भूमिका सांप्रदायिक रही है। 1924 में तुर्की के खलीफा को हटाने के विरोध में भारत में आंदोलन होता है और कांग्रेस इसमें सहभागी होती है। यहां लोगों से इसका विरोध करने के लिए कहा जाता है। दिल्ली में 1984 में हजारों सिखों की हत्या होती है। राजीव गांधी कहते हैं बड़ा पेड़ गिरने पर आवाज होती ही है। नेहरू के शासनकाल में 16 राज्यों में 243 दंगे हुए, इंदिरा के समय 15 राज्यों मे 337 औ राजीव के समय 16 राज्यों में 291 दंगे हुए। बिहार में भागलपुर में दंगा हुआ। अपने भाषण के दौरान उन्होंने न्यायिक व्यवस्था को भी कटघरे में खड़ा किया।
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