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पटना. राज्यसभा चुनाव के लिए जदयू की तरफ से हरिवंश नारायण सिंह व रामनाथ ठाकुर और भाजपा की तरफ से विवेक ठाकुर ने शुक्रवार को नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, मंत्री मंगल पांडे समेत दोनों पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
जदयू के हरिवंश नारायण सिंह फिलहाल राज्यसभा के उपसभापति हैं और अगर पार्टी उन्हें फिर से राज्यसभा के लिए नहीं भेजती तो जदयू के हाथ से यह कुर्सी निकल जाती। बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए जदयू ने अपने अति पिछड़ा वोट बैंक को नाराज करने का जोखिम नहीं उठाया है। इस लिहाज से रामनाथ ठाकुर को दोबारा राज्यसभा भेजने का फैसला किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर दूसरी बार राज्यसभा जाएंगे।
डॉ. सीपी ठाकुर के बेटे विवेक ठाकुर बिहार से भाजपा के उम्मीदवार होंगे। वे अपने पिता की जगह दिल्ली जाएंगे। डॉ. सीपी ठाकुर 9 अप्रैल को राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। पार्टी ने सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखकर भूमिहार जाति को राज्यसभा का टिकट सौंपा है। पिछले लोकसभा चुनाव में ब्राह्मण और भूमिहारों में कम टिकट मिलने को लेकर नाराजगी थी। पार्टी आलाकमान ने इस नाराजगी को स्वीकर करते हुए अगली बार राज्यसभा चुनाव में इसकी भरपाई का आश्वासन दिया था। इसी आश्वासन के तहत लोकसभा चुनाव में बेटिकट किये गये सतीश चन्द्र दूबे को पिछली बार राज्यसभा भेजा गया था। इसके बाद अगला टिकट भूमिहार को मिलना तय माना जा रहा था। पार्टी ने इसी समीकरण के तहत विवेक ठाकुर को टिकट दिया है।
एनडीए को दो सीटों का नुकसान, जदयू-भाजपा की एक-एक सीटें होंगी कम
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं। तीन जदयू की और दो भाजपा सदस्य 9 अप्रैल को रिटायर होंगे। हालांकि इनमें एनडीए को तीन सीटें ही वापस मिलेंगी। इसमें दो सीट जदयू को और एक भाजपा को मिलेगी। फायदा राजद को होगा। उसे दो अतिरिक्त सीटें मिलने जा रही हैं। राज्यसभा के उपसभापति व जदयू के हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर, कहकशां परवीन जबकि भाजपा के आर.के. सिन्हा और डॉ. सीपी ठाकुर का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
राज्यसभा चुनाव का गणित
बिहार से पांच सीटें खाली हो रही है। एक सीट के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। जदयू के पास अभी 70 और भाजपा के पास 54 विधायक हैं। एनडीए में यह तय हुआ है जदयू से दो और भाजपा की तरफ से एक नेता राज्यसभा जाएंगे। अगर वोटिंग की नौबत आई तो जदयू को कम पड़ रही सीटों पर भाजपा और लोजपा का समर्थन मिलेगा।
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