राजनीति / एनडीए के राष्ट्रवाद का महागठबंधन के पास न था कोई जवाब, इस चलते हुई हार: जीतनराम मांझी

Dainik Bhaskar

May 25, 2019, 12:20 PM IST



jitan ram manjhi say mahagathbandhan have not answer of NDA Nationalism
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jitan ram manjhi say mahagathbandhan have not answer of NDA Nationalism

  • राष्ट्रवाद के नाम पर युवाओं को भरमाया गया
  • जैसे मैच फिक्स होता है, वैसे ही रिजल्ट फिक्स था

पटना. लोकसभा चुनाव 2019 में करारी हार के बाद महागठबंधन के नेता इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि गलती कहां हुई। शनिवार को हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि एनडीए के राष्ट्रवाद का महागठबंधन के पास कोई जवाब न था। यह हार की मुख्य वजह रही। 

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतनराम मांझी ने कहा कि रिजल्ट अप्रत्याशित था। बीजेपी और एनडीए ने राष्ट्रवाद और सर्जिकल स्ट्राइक का मुद्दा उठाया। सेना की मार्केटिंग चुनावी जीत के लिए की गई। राष्ट्रवाद के नाम पर युवाओं को भरमाया गया। हमलोगों के पास इसका जवाब न था। हम जनता को अपनी बात नहीं बता सके। ऐसा माहौल खड़ा कर दिया गया कि एनडीए के लोग ही असली राष्ट्रवादी हैं। 

 

1971 में इंदिरा गांधी की सरकार थी। तब पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों ने भारत के सामने सरेंडर किया था। पाकिस्तान दो हिस्से में बंट गया था। उस समय भी राजनीतिक लाभ के लिए सेना की इतनी मार्केटिंग नहीं की गई थी। पुलवामा में हुए आतंकी हमले ने बीजेपी को मौका दिया। 1971 की जंग की तुलना में यह छोटी घटना थी, लेकिन बीजेपी ने इसे इस्तेमाल किया। जवानों की शहादत पर राजनीति की। 

 

भाजपा के लोग यह नहीं बताते कि सेना ने एयर लिफ्ट किए जाने की मांग की थी। उस मांग को क्यों नहीं माना गया। कैसे सेना के काफिले में 300 किलोग्राम आरडीएक्स लेकर कोई घुस गया। 2014 के चुनाव में नरेंद्र मोदी ने बड़े-बड़े वादे किए थे। 2019 के चुनाव में 2014 में किए वादे का जिक्र नहीं किया गया। राष्ट्रवाद का नारा देकर एनडीए ने लोगों को भरमा दिया।

 

फिक्स का रिजल्ट
मांझी ने कहा कि रिजल्ट अप्रत्याशित था। जैसे मैच फिक्स होता है वैसे ही रिजल्ट फिक्स था। रिजल्ट फिक्स करने में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की बात सामने आ रही है। मुझसे मिलने नालंदा के लोग आए थे। उनलोगों ने कहा कि एक बूथ पर 100 वोट दिया, लेकिन एक भी वोट हमें नहीं मिले।

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