खरमास शुरू, 15 अप्रैल से बजेगी शहनाई
इस वर्ष 16 जनवरी से शुरू हुए विवाह के शुभ मुहूर्त पर एक बार फिर से ब्रेक लग गया है। होली के त्योहार मनाने के तीन दिन बाद ही 14 मार्च को खरमास की शुरुआत हो गई। इससे अब समाज में होने वाली शादी विवाह आदि के कार्यों पर अगले एक महीने तक यानी 13 अप्रैल तक रोक लग गई है। इस अवधि में शादी विवाह का कोई मुहूर्त नहीं है। इस एक माह के बाद यानि 14 अप्रैल के बाद से ही फिर से समाज में शहनाइयों की गूंज सुनने को मिलेगी। इसके बाद ही विवाह अादि के मांगलिक कार्य शुरू हो सकेंगे। इसकी जानकारी देते हुए पंडित उमाशंकर पांडेय ने बताया कि वैसे 11 मार्च तक ही मांगलिक कार्य के लिए शुभ-मुहूर्त था। इसके बाद 14 मार्च से खरमास शुरू हो गया। इससे सात फेरों पर बंदिश लग लग गई है। बता दें कि 2 मार्च से होलाष्टक शुरू हो गया था। धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य उदय के साथ तिथि की शुरुआत होती है, इसलिए 2 मार्च से होलाष्टक शुरू हुुआ जो 9 मार्च को होलिका दहन के साथ समाप्त हुआ। इसके बाद अब 14 मार्च से सूर्य मीन राशि में प्रवेश कर गए, जो 13 अप्रैल तक रहेंगे। खरमास शुरू होने की वजह से इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन सहित कोई भी शुभ संस्कार के कार्य संपन्न नहीं होते हैं।
{14 मार्च से भगवान सूर्य मीन राशि में प्रवेश कर गए, जो 13 अप्रैल तक रहेंगे
25 मार्च से शुरू होगा चैत्र नवरात्र
पं. उमाशंकर पांडेय के मुताबिक इस बार की चैत्र नवरात्रि 25 मार्च से शुरू हो रही है। जाे कि पूरे 9 दिन की है। इस वर्ष की नवरात्री में पूरे नौ दिन आध्यात्मिक साधना और जप, तप व ध्यान के लिए यह समय श्रेष्ठ है। इस अवधि में कई नये कार्य भी शुरु किये जा सकेंगे।
अप्रैल माह में 6 दिन व मई और जून में भी है लग्न
इस वर्ष नये पंचाग के हिसाब से लग्न की शुरुआत होते ही चैत्र मास में 6 शुभ मुहूर्त है। इस वर्ष अप्रैल माह में खरमास के समाप्ति के बाद 15, 16,17,20,23 व 26 तारिख को शुभ लग्न है। वहीं मई व जून माह के साथ ही अक्टूबर नवंबर तथा दिसंबर 2020 में भी है लग्न। इससे शादी विवाह की शहनाई की गूंज सुनाई देगी।