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मैंने ही जिगर के टुकड़े तेजस्वी को राजद का युवराज घोषित किया, बदले में मुझे अपमान मिला: तेजप्रताप

पिछले महीने की 12 तारीख को ही तेजप्रताप की शादी राजद नेता चंद्रिका प्रसाद राय की बेटी ऐश्वर्या राय से हुई है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jun 10, 2018, 07:35 PM IST

      • तेजप्रताप का कहना है कि पार्टी में उनकी बात कोई नहीं सुनता
      • विवाद बढ़ने पर तेजप्रताव ने कहा- तेजस्वी और मेरे बीच कोई मनमुटाव नहीं है

      पटना. तेजप्रताप (29) की शादी के बाद लालू के दोनों बेटों में विवाद सामने आ गया है। हालांकि शादी से पहले तेजप्रताप राजनीति में ज्यादा रुचि नहीं लेते थे, लेकिन अब उन्हें लगने लगा है कि पूरी पार्टी तेजस्वी (28) ने कब्जा ली है और उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। शनिवार को तेजप्रताप ने कहा कि उन्होंने ही अपने जिगर के टुकड़े तेजस्वी को राजद का युवराज घोषित किया, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ अपमान मिला है। उन्होंने कहा कि पार्टी में कई ऐसे नेता हैं, जो हमें अलग करना चाहते हैं। इन्हें जल्द ही बाहर करने की जरूरत है।

      ट्वीट करके पीड़ा जाहिर की
      - लालू यादव के घर की लड़ाई तब सबके सामने आ गई जब तेजप्रताप ने ट्वीट किया, ''मैं अर्जुन को हस्तिनापुर सौंप कर द्वारका चला जाना चाहता हूं। लेकिन, फिर चुगली करने वालों को परेशानी होगी कि कहीं मैं किंगमेकर न कहलाऊं।''
      - इस ट्वीट के बाद शनिवार को जब मीडिया ने तेजप्रताप से बात की तो उन्होंने कहा, "मैंने अपने मन की पीड़ा अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय से भी शेयर की। यह सुनकर वह भी हैरान रह गई।"
      - पिछले महीने की 12 तारीख को ही तेजप्रताप की शादी राजद नेता चंद्रिका प्रसाद राय की बेटी ऐश्वर्या राय से हुई है। चंद्रिका प्रसाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय के बेटे हैं।

      पार्टी के नेता मेरा फोन तक नहीं उठाते
      - तेजप्रताप ने कहा, ''पार्टी में मेरी बात कोई नहीं सुनता है। पार्टी के लोग मेरा फोन नहीं उठाते। वे कहते हैं कि वरिष्ठ नेताओं ने उनसे ऐसा करने को कहा है। छात्र राजद के लोग पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम करते हैं। अपना पैसा लगाकर जनता की सेवा करते हैं, लेकिन उन्हें तवज्जो नहीं दी जाती।''

      पिता से बात की तब मेरी सुनवाई हुई
      - उन्होंने बताया, "राजेंद्र प्रसाद नाम के एक नेता को पार्टी में सम्मान दिलाने के लिए मैंने राजद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पूर्वे से कहा, लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी। तेजस्वी से बात करने पर भी कोई फायदा नहीं हुआ। आखिरकार मैंने अपने पिता लालू प्रसाद और मां राबड़ी देवी से बात की, तब मेरी बात सुनी गई।"

      राजद में कई ऐसे नेता जो पार्टी का नाम डुबा रहे

      - तेजप्रताप ने कहा, "राजद में असामाजिक लोग भरे जा रहे हैं। पार्टी में ऐसे नेताओं की तादाद बढ़ती जा रही है जो लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के साथ मेरा, तेजस्वी यादव और मीसा भारती का नाम बेच रहे हैं। ऐसे नेता राजद को डुबाने में लगे हैं।"
      - हालांकि, विवाद बढ़ने पर तेजप्रताप ने कहा कि उनके और तेजस्वी के बीच में किसी भी प्रकार का मनमुटाव नहीं है, लेकिन पार्टी में इस तरह के कई लोग हैं, जो हमें लड़ाना चाहते हैं।

    • मैंने ही जिगर के टुकड़े तेजस्वी को राजद का युवराज घोषित किया, बदले में मुझे अपमान मिला: तेजप्रताप
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