• Home
  • Bihar
  • Patna
  • भिक्षाटन कर विधवा मां, भाई और दो बहनों का पेट भरता है दिव्यांग श्रीराम
--Advertisement--

भिक्षाटन कर विधवा मां, भाई और दो बहनों का पेट भरता है दिव्यांग श्रीराम

जिले के अधौरा थाना क्षेत्र के डुमरैठ पंचायत के भुइफोर गांव निवासी स्वर्गीय महेंद्र उरांव का 16 वर्षीय पुत्र...

Danik Bhaskar | Jul 13, 2018, 02:00 AM IST
जिले के अधौरा थाना क्षेत्र के डुमरैठ पंचायत के भुइफोर गांव निवासी स्वर्गीय महेंद्र उरांव का 16 वर्षीय पुत्र श्रीराम उरांव अपनी मां माता सावित्री कुंवर, छोटे भाई मंगरु राम व दो छोटी बहनों चटनी और गंगिया का परवरिश भिक्षाटन कर के करता है। गुरुवार को दोनों पैरों से दिव्यांग श्रीराम पर जब भगवानपुर की मुख्य सड़क के आसपास भिक्षा मांगते लोगों की नजर पड़ती है तो कुछ पल के लिए उनकी नजर थम जाती है। कुछ लोग उससे पूछताछ करने लगते हैं कि सरकार द्वारा तुमको कोई सुविधा मिली है या नहीं। इस पर दिव्यांग श्रीराम कहता है कि जब भगवान ने मुझे दोनों पैरों से दिव्यांग कर दिया है तो फिर सरकार कितना सहयोग कर पाएगी। उसने बताया कि सरकार से उसे विकलांग पेंशन 5 या 6 महीने पर 2800 रुपये मिलते हैं। जब मैं छोटा था उसी समय लकवा लग गया। कुछ दिनों बाद मेरे पिता की मृत्यु हो गई। मैं अपने परिवार का बड़ा सदस्य हूं। अपनी मां, भाई और बहन के परवरिश के लिए बाजारों में जाकर प्रतिदिन भिक्षाटन कर 100 से 200 रुपए कमा लेता हूं। इसी पैसे से परिवार का भरण-पोषण होता है। सरकार से अभी तक मुझे कोई और सुविधा नहीं मिली है। मुझे योजना के तहत आवास भी नहीं मिला है।