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हत्यारोपी को गिरफ्तार करने गई पुलिस को ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ाकर डंडे से पीटा

झारखंड के चर्चित विधायक संजीव सिंह के करीबी रंजय सिंह के हत्याकांड में एक आरोपी को भकुरा गांव में गिरफ्तारी करने...

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 02:05 AM IST
हत्यारोपी को गिरफ्तार करने गई पुलिस को ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ाकर डंडे से पीटा
झारखंड के चर्चित विधायक संजीव सिंह के करीबी रंजय सिंह के हत्याकांड में एक आरोपी को भकुरा गांव में गिरफ्तारी करने गई झारखंड और बिहार पुलिस से ग्रामीण भिड़ गए। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीण भड़क उठे। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों से पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पुलिस पर पथराव किया। इस क्रम में रंजय सिंह हत्याकांड के अारोपी बबलू सिंह को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा लिया। जान बचाने के लिए झारखंड व भाेजपुर पुलिस को वहां से भागना पड़ा। हमले में भोजपुर पुलिस के जमादार फुरखान अहमद, सिपाही रामपुलिस सिंह, प्रभु मेहता व कृष्ण पाठक जख्मी हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने पुलिस पर फायरिंग भी की। इस सिलसिले में धनबाद जिले के लोयाबाद थाने के थानाध्यक्ष अमित कुमार के बयान पर आरा मुफस्सिल थाने में 28 नामजद और 55 अज्ञात लोगों पर एफआईआर कराई गई है। इनके खिलाफ पुलिस पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालने, फायरिंग करने, पथराव का आरोप है। बताया जाता है कि झरिया के विधायक संजीव सिंह के करीबी रंजय सिंह की धनबाद शहर में बिग बाजार के समीप 29 जनवरी 2017 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में भोजपुर जिले के बेरथ गांव निवासी शार्प शूटर बबलू सिंह उर्फ नंद कुमार सिंह उर्फ मामा उर्फ नन्हक भी आरोपी है। पुलिस को उसके बारे में मंगलवार को आरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भकुरा गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने की सूचना मिली थी। बबलू की गिरफ्तारी के लिए धनबाद पुलिस मंगलवार को आरा पहुंची थी।

भोजपुर पुलिस के 4 जवान जख्मी

झरिया के विधायक संजीव सिंह का करीबी था रंजय

पुलिस ने कहा- आरोपी के परिजन करने लगे धक्का-मुक्की और फायरिंग भी झोंक दी

पुलिस के अनुसार बबलू को हिरासत में लेते उसके परिजन धक्का-मुक्की कर उसको छुड़ा लिया। पुलिस के साथ मारपीट की। दहशत फैलानेेे के लिए पिस्टल निकालकर फायरिंग झोंक दिया गया। ईंट-पत्थर से हमला किया गया। चार पुलिस वालों को भी चोट आई है। जिनका इलाज सदर अस्पताल, अारा में कराया गया।

2 साल पहले हुई थी रंजय सिंह की हत्या

29 जनवरी 2016 को धनबाद शहर के चाणक्य नगर गेट के समीप स्कूटी से घर लौट रहे भाजपा विधायक संजीव सिंह के करीबी रंजय सिंह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। रंजय सिंह को काफी करीब से गोली मारी गई थी। शार्प शूटरों ने करीब 10 गोलियां मारी थी। इसके बाद अपराधी भाग निकले थे। रंजय हत्याकांड में कुख्यात मामा की तलाश 2 साल से पुलिस कर रही थी। रंजय सिंह की प|ी ने धनबाद के एसपी को आवेदन देकर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए गुहार लगाई थी।

कई नामों से जाना जाता है बबलू: बबलू सिंह के कई नाम है। बबलू सिंह उर्फ नंद कुमार सिंह उर्फ मामा उर्फ नन्हक ननक आरा के चौरी थाना क्षेत्र के बेरथ गांव का रहने वाला है।

भोजपुर जिले के बेरथ गांव का है आरोपी बबलू सिंह

28 नामजद तथा 55 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पुलिस पर हमले के आरोप में हरेराम सिंह, श्रीराम सिंह, अनिल सिंह, विराट सिंह, राजेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह, जोगिंदर सिंह, रविंदर सिंह, शशि भूषण सिंह, धीर सिंह, विशाल कुमार सिंह, रमाकांत सिंह, अमित सिंह, अभिषेक सिंह, श्रीनिवास सिंह, राम भरत सिंह, विजय सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, जितेंद्र सिंह, सुशील सिंह, सुनील सिंह, समीर सिंह, दिनेश सिंह, उमेश सिंह, रमेश सिंह, विक्की सिंह, सुमन सिंह, संतोष सिंह है। इसके अतिरिक्त 55 अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

कैमूर जिले के ललनपुरा गांव का था रंजय सिंह

हरेराम सिंह के घर शादी में आया था बबलू

बताया जा रहा है कि भकुरा गांव में हरेराम सिंह के यहां मंगलवार को शादी समारोह था। पुलिस को नन्हक सिंह उर्फ बबलू उर्फ मामा के भकुरा में पहुंचने की सूचना मिली थी। मामा की गिरफ्तारी के लिए पहले से ही धनबाद पुलिस उसकी टोह में लगी हुई थी। धनबाद के एसपी ने लोयाबाद थाना के थानाध्यक्ष अमित कुमार एवं बरवड्‌डा थाना के थानाध्यक्ष दिनेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर आरा भेजा था। आरा में धनबाद पुलिस ने एसपी अवकाश कुमार से संपर्क किया। जिसके बाद आरा मुफस्सिल थाने के थानाध्यक्ष रविंद्र राम के अलावे जमादार फुरखान अहमद, सिपाही राम पुलिस सिंह, प्रभु मेहता, कृष्ण पाठक व अन्य धनबाद पुलिस के साथ भकुरा गांव छापेमारी करने पहुंचे। जिस समय पुलिस वहां पहुंची, उस समय बारात लगाया जा रहा था और फायरिंग हो रहा था। मौका देख पुलिस ने घेराबंदी कर मामा को पकड़ लिया। इस दौरान बगल में खड़े मामा के रिश्तेदार पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करते घेराबंदी को तोड़ दिया और मामा को छुड़ा कर लेकर जाने लगे। पुलिस ने फिर मामा को पकड़ने का फिर प्रयास किया, इस पर लाठी-डंडे, पथराव कर हमला किया गया।

हत्यारोपी को गिरफ्तार करने गई पुलिस को ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ाकर डंडे से पीटा
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