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पर्यवेक्षकों को स्कूटी चलाना अनिवार्य

आंगनबाड़ी केंद्र पर तैनात सुपरवाइजर अब दफ्तर में बैठकर निरीक्षण रिपोर्ट नहीं बना सकेंगी। सभी पर्यवेक्षकों को...

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2018, 02:10 AM IST
पर्यवेक्षकों को स्कूटी चलाना अनिवार्य
आंगनबाड़ी केंद्र पर तैनात सुपरवाइजर अब दफ्तर में बैठकर निरीक्षण रिपोर्ट नहीं बना सकेंगी। सभी पर्यवेक्षकों को निरीक्षण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाना ही होगा। इसके लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। समेकित बाल विकास सेवा योजना अंतर्गत जिले में अनुबंध पर कार्य कर रहे महिला सुपरवाइजरों के लिए स्कूटी चलाना व एंड्रायड मोबाइल रखना भी अनिवार्य कर दिया गया। इस संबंध में आइसीडीएस विभाग के निदेशक के द्वारा जिले में पत्र भी भेजा गया है। तीन माह के अंदर दो पहिया वाहन सीखने के लिए विभाग के द्वारा समय दिया गया है। यदि उस समयावधि में सुपरवाइजर यदि स्कूटी परिचालन करना नहीं सिखाती हैं तो उनके अवधी का विस्तार भी नहीं होगा। हालांकि जिले में फिलहाल महिला सुपरवाइजरों को जांच के आधार पर सेवा विस्तार किया गया है। लेकिन आधा से अधिक महिलाओं को सितंबर माह तक का अल्टीमेटम भी दिया गया है। ताकि वे उक्त अवधी में स्कूटी चलाना सीख जाएं। उक्त समयावधि के समाप्ति के बाद विभाग के द्वारा जांच किया जाएगा और जो असफल साबित होंगी। उनका सेवा विस्तार रोक दिया जाएगा। केन्द्रों को पारदर्शिता पूर्ण संचालन व टेबल रिपोलिंग पर रोक लगाने के लिए विभाग ने ये कदम उठाया है। डीएम राहुल रंजन महिवाल ने कहा कि आइसीडीएस के व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। महिला सुपरवाइजरों का सेवा विस्तार मूल्यांकन के आधार पर किया गया है। स्कूटी चलाना अनिवार्य किया गया है।

एंड्रायड फोन भी रखना अनिवार्य, समय-समय पर डाटा अपलोड करने होंगे

सभी को विभाग की ओर से टैब उपलब्ध कराया गया है

केन्द्र की जांच सही तरीके से हो और इसकी सिंधी निगरानी वरीय स्तर से की जा सके। इसको लेकर महिला सुपरवाइजरों को एंड्रायड मोबाइल चलाना भी अनिवार्य किया गया है। सभी महिला सुपरवाइजर को केन्द्र जांच के लिए विभाग के द्वारा टैबी भी उपलब्ध कराया गया है जो केन्द्रों पर जाकर जांच करेंगे और उसकी तस्वीर खिंचकर अपलोड करेंगे। इसके लिए विभाग के द्वारा निर्देश दिया गया है।

इन सुपरवाइजरों का 31 मार्च तक किया गया है सेवा विस्तार

36 महिला जिले में कुल 36 महिला सुपरवाइजरों का स्कूटी परिचालन सही पाए जाने पर उनकी सेवा का विस्तार 31 मार्च तक किया गया है। इनमें मधुमिता सिंह, पार्वती कुमारी, रानी कुमारी, मीरा रंजन, शुभ्रा ज्योर्तिमय, नीलू कुमारी, सोनी कुमारी, ज्योति कुमारी, चांदनी कुमारी, प्रभा कुमारी, गुड़िया कुमारी, विनीता कुमारी, समीता कुमारी, रश्मि कुमारी, शबीना प्रवीण, जिज्ञासा कुमारी, श्वेता पटेल, किरण कुमारी, पुष्पा कुमारी, ललिता कुमारी, सरिता कुमारी, शमा यासमीन, कलावती कुमारी, कविता कुमारी, रेखा कुमारी, भारती कुमारी, इंदू कुमारी, कुमारी अर्चना गुप्ता, कुमारी माला, कुमारी उर्मिला सिन्हा, पूनम कुमारी, इलायची कुमारी, तारामणी कुमारी, प्रतिमा सिंह, लिली कुमारी, कुमारी इंदू शामिल हैं। जिनका सेवा विस्तार 21 मार्च 2019 तक किया गया है। स्कूटी परिचालन व एंड्रायड मोबाइल चलाना अनिवार्य करने का निर्देश आइसीडीएस विभाग के निदेशक के द्वारा दिया गया है। इससे संबंधित पत्र भी सभी जिला में भेज दिया गया।

सितंबर महीने तक स्कूटी चलाना नहीं सीखा तो सेवा विस्तार पर लग सकती है रोक

3 सुपरवाइजरों का नहीं किया गया सेवा विस्तार

मूल्यांकन में तीन महिला सुपरवाइजरों की कार्यशैली काफी खराब पाई गई। जिसके कारण उनका अवधी विस्तार नहीं किया गया। इन्हें मूल्यांकन में 30 से कम अंक मिले हैं। इनमें औरंगाबाद सदर की किरण कुमारी, नीता कुमारी व रेखा कुमारी शामिल हैं। जिनका विस्तार नहीं किया।

कार्यशौली में सुधार लाने के लिए दिया गया वक्त, नहीं तो होगी कार्रवाई

जिला प्रोग्राम शाखा के द्वारा जिले के 11 बाल विकास परियोजना कार्यालयों में कार्यरत महिला सुपरवाइजरों का कार्य मूल्यांकन करते हुए सेवा अवधी का विस्तार किया गया है। स्कूटी परिचालन में जिन सुपरवाइजरों को 40 से कम अंक मिले हैं। उन्हें कार्यशैली में सुधार करने के लिए सितंबर माह तक का समय दिया गया है। इन महिला सुपरवाइजरों में सदर प्रखंड की वंदना कुमारी, पांडेय निवेदिता, विभा कुमारी, ओबरा की कामिनी अमूल्या, नवीनगर की तरन्नुम प्रवीण, प्रभा कुमारी, गीता कुमारी, गायत्री कुमारी, पुष्पा कुमारी शामिल है।

23 सुपरवाइजरों के पास नहीं है ड्राइविंग लाइसेंस

विभिन्न सीडीपीओ कार्यालय में कार्यरत 23 महिला सुपरवाइजरों के द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस विभाग को उपलब्ध नहीं कराया गया। जिसके कारण उनका भी सेवा विस्तार सितंबर माह तक ही किया गया है। यदि सितंबर माह तक इन लोगों के द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध नहीं कराया गया तो इनपर भी कार्रवाई हो सकती है। इनमें बा रूण की कुमारी गीता, मदनपुर की रूपम सिन्हा, ्सुमिता आदि शामिल हैं।

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