वाराणसी जोन की पहली महिला रेल गार्ड बनी सोनाली, कहा- नियमित करें पढ़ाई / वाराणसी जोन की पहली महिला रेल गार्ड बनी सोनाली, कहा- नियमित करें पढ़ाई

Bhaskar News Network

Jun 14, 2018, 07:06 AM IST

Patna News - सफलता का कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं होता। ये बात द क्लाइमेक्स कोचिंग संस्थान में बुधवार को आयोजित प्रेरणा सत्र में...

रेल गार्ड बनी सोनाली। रेल गार्ड बनी सोनाली।

बेगुसराय (बिहार)। सफलता का कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं होता। ये बात द क्लाइमेक्स कोचिंग संस्थान में बुधवार को आयोजित प्रेरणा सत्र में कॉम्पटीशन एग्जाम की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए वाराणसी रेल जोन की पहली महिला गार्ड बनी सोनाली कुमारी ने कही। उन्होंने कहा, सक्सेस के लिए सिलसिलेवार ढंग से नियमित पढ़ाई की जरूरत पड़ती है। जिसमें ग्रुप डिस्कशन एवं सेल्फ स्टडी दोनों साथ-साथ चलनी चाहिए। ग्रुप डिस्कशन में गंभीरता की आवश्यकता होती है।

- डिस्कशन के नाम पर सिर्फ गपशप में समय नहीं बिताया जाए। उन्होंने कहा, कोचिंग संस्थान में पढ़ाई के दौरान ध्यान से सुनने और घर पर रिवीजन करने की सलाह छात्र-छात्राओं को दी।

- सोनाली ने स्टडी का क्रम टूटने नहीं देने की आवश्यकता जताई। स्टूडेंट्स ने पूछा- रिजनिंग की तैयारी कैसे की जाए और सेल्फ स्टडी कितने समय करना चाहिए।

- उन्होंने कहा, रेगुलर पढ़ाई करने और कोचिंग संस्थान के बाद घर पर हर दिन 5 से 6 घंटे यदि दो साल तक लगातार स्टडी किया जाए तो रिजल्ट बेहतर मिलने की उम्मीद रहती है।

- मौके पर द क्लाईमेक्स के निदेशक सुजीत कुमार ने सोनाली को इंस्टिट्यूट का रोल मॉडल बताया।

सोनाली की सफलता से गांव में खुशी


- सोनाली बचपन से ही अपने ननिहाल में रहकर प्राइमरी एवं हाई स्कूल से एजुकेशन ली।। इसके बाद जीडी कॉलेज में इंटर में एडमिशन कराया।

- इसी दौरान द क्लाईमेक्स कोचिंग संस्थान में कॉम्पटीशन एग्जाम के लिए तैयारी करने लगी। उन्होंने कहा- 3 साल की तैयारी में उसने एसएससी, एलडीसी एवं बिहार टीईटी परीक्षा पास की। इसी दौरान रेलवे में भी उसकी नौकरी रेल गार्ड के रुप में हो गई। उसने एलडीसी एवं शिक्षक की नौकरी छोड़ रेलवे में जाना पसंद किया।

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रेल गार्ड बनी सोनाली।रेल गार्ड बनी सोनाली।
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