• Home
  • Bihar
  • Patna
  • बकरी पालन कर महिलाएं घर बैठे रुपए कमा सकती हैं: कृषि वैज्ञानिक
--Advertisement--

बकरी पालन कर महिलाएं घर बैठे रुपए कमा सकती हैं: कृषि वैज्ञानिक

कृषि विज्ञान केंद्र बेगूसराय के तत्वावधान में बुधवार को प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय हिंदी सावंत के...

Danik Bhaskar | Jun 14, 2018, 03:00 AM IST
कृषि विज्ञान केंद्र बेगूसराय के तत्वावधान में बुधवार को प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय हिंदी सावंत के प्रांगण में आत्मा द्वारा गठित भवानी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार हेतु बकरी पालन का एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता वर्तमान आत्मा अध्यक्ष अवंतिका कुमारी ने की। कृषि विज्ञान केंद्र खोदावंदपुर के वैज्ञानिक डॉ. चंद्रभान सिंह ने एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिलाओं को बताया कि वर्तमान समय में स्वरोजगार हेतु बकरी पालन कर घर बैठे 20 से ₹25 हजार कमा सकती हैं। बकरी पालन कम जगह, कम खर्च में आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्टॉल फीडिंग विधि का इजाद हुआ है जिसके माध्यम से बकरी पालन आसान हो गया है। मुख्यत: स्थानीय नस्ल की बरबरी बकरी उत्तम नस्ल है जो एक वर्ष में 2 बार बच्चे देती है। इसका मांस और दूध सबसे उत्तम गुणवत्ता वाला होता है। जिसे महिला किसान आसानी से कहीं भी पाल सकती हैं। उन्होंने कहा कि बकरी गरीबों की गाय है तथा यह एटीएम के समान है। जब चाहे इसे आप आर्थिक समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। साथ ही बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र खोदावंदपुर में इच्छुक महिलाएं बकरी पालन का चार दिवसीय प्रशिक्षण भी ले सकती हैं। प्रशिक्षण उपरांत केंद्र द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाएगा जो बैंक से पशुपालन लोन लेने में सहायक होगी। प्रभारी पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर ओम प्रकाश सिंह ने बकरी तथा उसके बच्चों में होने वाली बीमारियां तथा उनके रखरखाव की जानकारी देते हुए कहा कि बकरी के बच्चों में निमोनिया होने की शिकायत ज्यादा होती है। इससे बचने हेतु उनके रहने के परिवेश में साफ सफाई अत्यंत ही आवश्यक है। साफ सफाई रखने हेतु विशेष रूप से बांस की बनाई हुई मचान पर बकरी पालन करेंगे तो बकरी का मल-मूत्र मचान से नीचे गिर जाएगा जिससे उनके बैठने का स्थान सूखा, साफ व सुरक्षित रहेगा तथा वे गंभीर बीमारियों की चपेट में आने से बचेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में भ्रमणशील किसान बिंदेश्वरी महतो, भवानी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी शोभा देवी, शैल देवी, तारा देवी, रामकुमारी देवी, क्रान्ति देवी, अनमोल देवी, बबीता देवी समेत अन्य महिलाएं मौजूद थीं।

छौड़ाही में महिलाओं को बकरी पालन के बारे में पूरी जानकारी देते विशेषज्ञ।