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इस लड़की के पास सुविधा-संसाधन कुछ भी नहीं, मेहनत और हौसले से होना चाहती है कामयाब

राधिका का पसंदीदा इवेंट दौड़ है, वह स्कूल और जिलास्तरीय दर्जनों प्रतियोगिताओं में जीत हासिल कर चुकी है।

Dainik Bhaskar

Jul 09, 2018, 06:16 PM IST
Positive story of  Bihar Girl of radhika

पटना। स्कूल के मैदान में तपती धूप में एक लड़की दौड़ रही थी। हाथों और पैरों में एलास्क्टिक बंधे थे, जिसे पीछे से खींचते हुए एक युवक उसके पीछे दौड़ रहा था। कुछ देर तक दौड़ लगाने के बाद दोनों ने हाथ में बंधी घड़ी देखा फिर एक डायरी में समय लिखने लगे। कुछ देर बाद एक बड़े टायर को रस्सी के सहारे लड़की की कमर से बांध दिया गया, फिर उसने दौड़ना शुरू किया। कुछ देर बाद फिर वैसे ही डायरी में समय लिखा। अबकी बार एक बैग में रेत भर उसकी पीठ पर बांध दिया, जिसे लेकर वह स्कूल की सीढ़ियों पर चढ़ती और उतरती गई। कई बार ऐसा दोहराने के बाद दोनों बैठ कर सुस्ताने लगे।

राधिका किसी भी सुविधा या संसाधन के बिना मेहनत से सपने को साकार करना चाहती है

- लड़की पटना के आदर्श विकास विद्यालय की छात्रा राधिका कुमारी थी, जो अपने ट्रेनर उत्तम कुमार के साथ किसी एथलेटिक्स प्रतियोगिता की तैयारी में जुटी थी।

- राधिका का सपना है अपनी मेहनत से देश के लिए जीत हासिल करना और अर्जुन अवार्ड पाना। पिता अखिलेश्वर प्रसाद रेलवे के दानापुर मंडल में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी हैं, जो हौसले के सिवा उसे कुछ और उपलब्ध नहीं करा सकते। लेकिन बेटी किसी भी सुविधा या संसाधन के बिना सिर्फ अपनी मेहनत से सपने को साकार करना चाहती है।

राधिका का जुनून देख स्कूल ने दिया साथ
- राधिका का जुनून देख विद्यालय ने साथ देने का निर्णय लिया। निदेशक संजय कुमार और प्राचार्य अंजू कुमारी प्रसाद ने स्कूल के स्पोर्ट टीचर उत्तम कुमार को उसकी देखरेख का जिम्मा सौंपा।

- प्रैक्टिस के लिए मैदान उपलब्ध कराते हुए क्लास के दौरान भी अलग से समय दिया, पढ़ाई पर असर न हो, इसलिए उसके लिए एक्स्ट्रा क्लास आयोजित किया। महंगे स्पाइक दिए।

- राधिका का पसंदीदा इवेंट है 400, 600 और 1000 मीटर दौड़, जिनमें भाग लेते हुए वह स्कूल और जिलास्तरीय दर्जनों प्रतियोगिताओं में जीत हासिल कर चुकी है। हाल ही में उसका सिलेक्शन खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए भी हुआ था।

- राधिका ने इसी साल अच्छे अंकों से मैट्रिक की परीक्षा भी पास की है।

- ट्रेनर उत्तम कुमार ने कहा, राधिका के मन में जुनून है। प्रैक्टिस के लिए अच्छा मैदान और अन्य सुविधाएं मिले, तो वह और बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

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