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मंडप पर दूल्हे की हरकत से गुस्साई दुल्हन, गले से वरमाला फेंककर बोली- कुंआरी रहूंगी, लेकिन इससे शादी नहीं करूंगी

निभा की इस हिम्मत को गांव की महिलाओं व लड़कियों ने सराहा। जीवन में नशा को नहीं आने देंगे, सबने संकल्प लिया।

Danik Bhaskar | Jul 08, 2018, 02:15 PM IST

पटना. किसान परिवार की निभा कुमारी ने जीवन में ऐसा फैसला लिया, जो शायद ही कोई लड़की ले पाती है। निभा कुमारी मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड की रहने वाली है। उसने शराब के खिलाफ ऐसा स्टैंड लिया, जिसने उसकी जिंदगी ही बदल दी। उनकी शादी मधुबनी जिले के एक गांव के रहने वाले रंजीत कुमार कामत के साथ तय हुई थी। घर में खुशी का माहौल था। बरात आई तो हर कोई खुशी में नाच-गा रहा था। बराती में अधिकतर शराब के नशे में धुत थे। दूल्हा भी मामा के साथ शराब पी चुका था। यह देख निभा नाराज हो गई। हद तो तब हो गई, जब दूल्हे ने मंडप पर मामा से बियर की मांग की। यह सुनते ही निभा ने शादी से मना कर दिया।


'पियक्कड़ से नहीं करूंगी शादी'

निभा ने पिता और गांव के लोगों से कहा, एक पियक्कड़ से शादी करने से अच्छा जीवनभर कुंवारी रहना है। इससे तो कभी शादी नहीं करूंगी। इसके बाद गले से वरमाला निकाल कर फेंक दिया। बराती से लेकर गांव वाले सब हैरान थे। लोगों ने समझाने की कोशिश की। लेकिन, निभा शादी नहीं करने को लेकर अड़ गई। तब उसे न तो अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति का एहसास हुआ और न ही लोगों द्वारा उठने वाले सवालों का।

साहस को सराहा, सुधाकर ने रखा शादी का प्रस्ताव

निभा की इस हिम्मत को गांव की महिलाओं व लड़कियों ने सराहा। जीवन में नशा को नहीं आने देंगे, सबने संकल्प लिया। वे खुश थीं कि किसी ने तो आवाज उठाई। निभा की हिम्मत की चर्चा पूरे इलाके में थी। निभा की हिम्मत देख वहीं के एक शख्स सुधाकर कामत ने उससे शादी करने का प्रस्ताव रखा। बाद में दोनों का विवाह तय हो गया।