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मनेर में एक व्यक्ति ने लिया इंदिरा आवास और पीएम आवास योजना दोनों का लाभ

आवास योजना में बंदरबांट का मामला प्रकाश में आया है। एक गांव के एक ही व्यक्ति को इंदिरा आवास योजना और प्रधानमंत्री...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:15 AM IST
आवास योजना में बंदरबांट का मामला प्रकाश में आया है। एक गांव के एक ही व्यक्ति को इंदिरा आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना दोनों का लाभ मिला है। पहले इंदिरा आवास में नाम चयनित हुआ, इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए। दोनों योजना से प्रथम किस्त की राशि भी मिल गई। जबकि दोनों में से किसी एक योजना का ही लाभ ले सकते हैं। यह खुलासा डीडीसी की जांच में हुआ है। मामला मनेर प्रखंड की व्यापुर पंचायत के भूधर टोले का है। अब इन योजनाओं में गड़बड़ी की संभावना को देखते हुए डीडीसी आदित्य प्रकाश ने सभी प्रखंडों में जांच का आदेश दिया है।

राशि वसूलने के लिए बीडीओ को निर्देश

भूधर टोले के शिव प्रसाद राम को वर्ष 2014-15 में इंदिरा आवास के लिए प्रथम किस्त के रूप में 60 हजार व वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रथम किस्त के रूप में 50 हजार रुपए मिले। फर्जीवाड़ा कर इंदिरा आवास और प्रधानमंत्री अावास योजना के तहत राशि हड़पने वाले लाभुक से पैसा वसूली का निर्देश संबंधित बीडीओ को दिया जा रहा है। लाभुक को नोटिस दिया जाएगा इसके बाद उससे पैसा वसूलने की कार्रवाई की जाएगी। जांच के घेरे में कार्यपालक सहायक, ग्रामीण आवास सहायक और पर्यवेक्षक हैं। दोषियों को चिह्न कर उन पर कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे हुआ खुलासा

व्यापुर पंचायत के एक व्यक्ति ने शिव प्रसाद राम के खिलाफ परिवाद दायर किया था। डीडीसी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खुद जांच की और स्थल का निरीक्षण किया। आरोपी से पूछताछ के दौरान इस बात की पुष्टि हुई कि उसने दोनों योजनाओं का लाभ लिया लेकिन घर भी नहीं बनाया है।

दूसरी किस्त की राशि में देरी पर 9 बीडीओ को शो कॉउज

वर्ष 2016-17 और 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में कई माह से लाभुकों को प्रथम किस्त की राशि मिलने के बाद द्वितीय किस्त की राशि नहीं मिलने पर डीडीसी ने 9 प्रखंडों के बीडीओ से स्पष्टीकरण पूछा है। उन्होंने कहा है कि ग्रामीण आवास सहायक, पर्यवेक्षक की लापरवाही और बीडीओ द्वारा मॉनिटरिंग नहीं करने के कारण दूसरे किस्त की राशि लंबित है। बख्तियारपुर, बिहटा, दनियावां, फतुहा, घोसवरी, मनेर, नौबतपुर, पटना सदर, फुलवारीशरीफ बीडीओ से स्पष्टीकरण की मांग की गई है।