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कुष्ठ व एचआईवी पॉजिटिव के बच्चों को मिलेगा परवरिश योजना का लाभ

अब बेसहारा व रिश्तेदार के साथ रह रहे कुष्ठ रोग से ग्रसित बच्चों को सहारा मिलेगा। इसके लिए विभाग परवरिश नामक योजना...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 04:56 AM IST
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अब बेसहारा व रिश्तेदार के साथ रह रहे कुष्ठ रोग से ग्रसित बच्चों को सहारा मिलेगा। इसके लिए विभाग परवरिश नामक योजना का संचालन कर रही है। इस योजना के तहत निम्न आय वर्ग के कुष्ठ रोग तथा एचआईवी पॉजेटिव अनाथ व बेसहारा बच्चों की परवरिश समाज कल्याण विभाग करेगा। इस योजना में उन बच्चों को भी शामिल किया जाएगा जो बेसहारा हैं तथा अपने निकटतम संबंधी अथवा किसी रिश्तेदार के साथ रहते हैं। एचआईवी पॉजिटीव व कुष्ठ रोग से ग्रसित बच्चे अथवा वैसे माता पिता के बच्चे जो एचआईवी पॉजेटिव या एड्स से पीड़ित है, इसके अलावे कुष्ठ रोग के कारण शारीरिक रूप से ग्रेड 2 तक विकलांग माता-पिता के 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को भी सहायता देने की श्रेणी में शामिल किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए 9 सौ रुपए प्रतिमाह। 6 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए 1 हजार रुपए प्रतिमाह सहायता राशि उपलब्ध कराया जाएगा।

निम्न आय वर्ग के कुष्ठ रोग व एचआईवी पॉजिटिव बच्चों को किया जाएगा शामिल

बीपीएल सूची के आधार पर होगा सहायता का निर्धारण| जिसे सहायता मिलनी है उसके माता-पिता या अभिभावक का नाम बीपीएल सूची में दर्ज होना चाहिए। वैसे बच्चे जिनके अभिभावक या माता-पिता की सालाना आय 60 हजार से अधिक नहीं है, लेकिन अभी तक उनका नाम बीपीएल सूची में किसी कारण से दर्ज नहीं हो सका है। उसे भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

अनाथ बच्चों की चयन प्रक्रिया|अनाथ बच्चों को योजना से लाभान्वित कराने के लिए चयन का दायित्व वार्ड स्तर पर आंगनबाड़ी सेविका को अधिकृत किया गया है। सेविका अनाथ बच्चों के पालन करने वाले अभिभावक से आवेदन विहित प्रपत्रों में प्राप्त कर अपनी अनुशंसा के साथ सीडीपीओ कार्यालय में समर्पित करेगी। सीडीपीओ सेविका के अनुशंसा के आधार पर अपनी अनुशंसा कर संबंधित अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। जहां एसडीओ स्तर से स्वीकृत कर सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई पूर्णिया कार्यालय में भेजा जाएगा। स्वीकृति के बाद अनाथ बच्चे एवं पालनहार के नाम संयुक्त बैंक खाता में सीधे सहायता राशि भेज दी जाती है।

आंगनबाड़ी केंद्र पर होगा आवेदन

योजना के लाभ के लिए आवेदन पत्र के साथ बीपीएल सूची की छायाप्रति अथवा 60 हजार रुपए तक वार्षिक आय के प्रमाण पत्र की छायाप्रति लगाना होगा। अनाथ बच्चे की स्थिति में माता-पिता का सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत मृत्यु प्रमाण पत्र जिसमें मुखिया, वार्ड, पार्षद द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र भी मान्य है। इसके अलावे लाभुक बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत (ग्रेड 2) प्रमाण पत्र, एचआईवी या एड्स पीड़ित होने का प्रमाणपत्र देना होगा। पीड़ित लाभुक बच्चे व एचआईवी पॉजेटिव या एड्स पीड़ित माता अथवा पिता की संतान की स्थिति में एआरटी केन्द्र द्वारा जारी कार्ड मान्य होगा। योजना के लाभ के लिए आवेदन पत्र संबंधित आंगनबाड़ी केन्द्र, सीडीपीओ कार्यालय व जिला बाल संरक्षण इकाई से निःशुल्क लेकर उसे भर कर जमा करना होगा।

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