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आखिरी दांव / अंतिम दौर की सीटें जीतने के लिए पार्टियों की हर मुमकिन कोशिश

Dainik Bhaskar

May 16, 2019, 01:58 PM IST



Loksabha Election 2019 Every possible effort of the parties to win the last round of seats
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Loksabha Election 2019 Every possible effort of the parties to win the last round of seats

  • 2014 में 8 में 6 सीटों को भाजपा-जदयू ने जीता, 2 सीटें रालोसपा की

पटना. दो दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन सभाएं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को सभा और रोड शो करेंगे। यह अंतिम चरण की 8 सीटों को हर हाल में जीत लेने की पुरजोर इच्छा और इसके प्रयास की गवाही है। दोनों खेमे इस आखिरी मोर्चे की फतह में अपना आखिरी दांव इसी हिसाब से लगाया है, जिससे उनको ज्यादा से ज्यादा सीटें मिलें। 

 

महागठबंधन के पास इस चरण में पाने को बहुत कुछ है। गठबंधन के हिसाब से ये सभी 8 सीटें एनडीए की हैं। हां, पिछले चुनाव में इनमें से 2 सीटों को जीतने वाली रालोसपा अब महागठबंधन के साथ है। एनडीए की उत्कट सक्रियता, महागठबंधन पर भारी है। मकसद, अपनी सीटों को बचाना और रालोसपा के नाम वाली दो सीटों (काराकाट, जहानाबाद) को भी अपना बनाना। सबकी ताकत व प्रयास चरम पर हैं। प्रचार व चुनावी प्रबंधन के दूसरे मोर्चों पर छितराया सा रहा महागठबंधन, अपने को और नियोजित किया है।

 

दो दिनों में मोदी की तीन सभाएं वहीं राहुल गांधी का रोड शो

 

प्रयास 
एनडीए (खासकर भाजपा) ने बड़े नेताओं की पूरी टोली बिहार में उतार दी। गृह मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ आदि विभिन्न क्षेत्रों में घूम रहे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी आदि की तो धुआंधार सभाएं हो ही रहीं हैं। वैसे बड़े कांग्रेसी (गुलाम नबी आजाद, शक्ति सिंह गोहिल) घूमने लगे, जो दूसरे राज्यों के चुनाव में लगे थे। तेजस्वी यादव ने प्रचार की मात्रा और बढ़ा दी। दोनों पक्षों का रोड शो पर जोर। 

 

रणनीति
बीते चरणों के अनुभवों से दोनों पक्ष (एनडीए-महागठबंधन), अपने आधार वोटों को पूरी तरह सुरक्षित रखने की लाइन पर काम कर रहे। छठे चरण में कई क्षेत्रों के वोटिंग पैटर्न ने इसकी दरकार बताई। दूसरे के वोट बैंक में सेंधमारी को कामयाब बनाने की रणनीति को भी साकार करने की पुरजोर कोशिश। नेताओं को उन्हीं की जाति वाले इलाकों में घुमाया जा रहा। लालू प्रसाद की कानों-कान संदेश पहुंचाने वाली तकनीक। 

 

मुद्दे
एनडीए ने लालू परिवार को एजेंडा बनाया। खुद प्रधानमंत्री लालू परिवार के भ्रष्टाचार पर केंद्रित रहे, पूछा कि आखिर लालू परिवार अरबपति कैसे बना? लोगों से कहा-आप जदयू, भाजपा, लोजपा के जरिए मोदी को वोट दे रहे हैं। भाजपा ने नरेंद्र मोदी को कांग्रेसियों द्वारा नीच कहे जाने को मुद्दा बनाया। राजनाथ सिंह भारतीय सेना के शौर्य के हवाले लोगों को चार्ज कर रहे। जवाब में महागठबंधन आरक्षण-संविधान की रक्षा से लेकर 'चौकीदार चोर है' की बातें और जोर-जोर से बोल रहा। लालू की प्रताड़ना को भावनात्मक मसला बनाया।

 

2019 की लड़ाई का सीन

 

लोकसभा सीट एनडीए महागठबंधन
पाटलिपुत्र रामकृपाल यादव डॉ.मीसा भारती
पटना साहिब रविशंकर प्रसाद शत्रुघ्न सिन्हा
आरा आर.के. सिंह राजू यादव
नालंदा कौशलेन्द्र कुमार अशोक आजाद
जहानाबाद चंदेश्वर चंद्रवंशी सुरेन्द्र यादव
सासाराम छेदी पासवान मीरा कुमार
बक्सर अश्विनी चौबे जगदानंद
काराकाट महाबली सिंह उपेंद्र कुशवाहा

 

8 सीटों में 5 भाजपा के पास

 

2014 के लोकसभा चुनाव में इन 8 सीटों में से 5 को भाजपा ने जीता। ये हैं-पटना साहिब (शत्रुघ्न सिन्हा), पाटलिपुत्रा (रामकृपाल यादव), आरा (आर.के.सिंह), बक्सर (अश्विनी चौबे), सासाराम (छेदी पासवान)। इस बार के चुनाव में शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। भाजपा ने रविशंकर प्रसाद को मैदान में उतारा। नालंदा को जदयू के कौशलेंद्र कुमार ने जीता था। वे फिर मैदान में हैं। तब जहानाबाद और काराकाट की सीट, रालोसपा के खाते में गई थी। यहां से क्रमश: अरुण कुमार व उपेंद्र कुशवाहा जीते थे। अरुण अबकी नई पार्टी बनाकर मैदान में हैं। इस बार जहानाबाद में रालोसपा ने राजद के सुरेंद्र प्रसाद यादव को समर्थन दिया हुआ है। उपेंद्र काराकाट से फिर लड़ रहे हैं।

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