पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

दरौंदा में आम की फसल पर मंडरा रहा मधुआ व दहिया रोग

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

पिछले की उपेक्षा इस वर्ष आम की बेहतर फसल के आसार हैं। छोटे-बड़े सभी पेड़ों में पर्याप्त मंजर लगे हैं। जिन पेड़ों में गत वर्ष अधिक आम लगे थे, उनमें फिर से मंजर आए हैं। लेकिन, मंजर के अनुरूप आम का फल हो, इसके लिए उसकी समय पर देखभाल जरूरी है। लेकिन, आम उत्पादक किसानों ने इस बार सजगता नहीं बरती और स्थिति यह है कि मधुआ रोग का प्रकोप शुरू हो चुका हैं। मधुआ रोग भुगना नामक छोटा सिलेटी एवं गहरे रंग का फुदकने वाले किट के कारण होता है। इसके छोटे बच्चे तथा वयस्क दोनों ही आम के मंजरों, नई शाखाओं और पत्तियों के रस चूसते हैं। परिणामत: मंजर सूख जाते हैं और फल भी सूखकर गिर जाता हैं।यह कीट एक चिपकने वाला मधु जैसा पदार्थ पैदा करता हैं।इससे पत्तियों पर काली फफुंद जम जाती है और पुरी पत्ती काली हो जाती हैं। बीएओ सतीश कुमार सिंह ने कहा कि किसान अपनी फसल को सुरक्षित करने के लिए जनवरी से अप्रैल तक तीन छिड़काव कर उसे सुरक्षित कर सकते हैं।

दरौंदा में मंजर से लदा आम का एक पेड़।
खबरें और भी हैं...