विज्ञापन

मां के जयकारे से भक्तिमय हुआ माहौल

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 05:25 AM IST

Patna News - सिसवन | सिसवन बाजार व गंवई क्षेत्रों में पंडालों में स्थापित मां सरस्वती की विदाई बुधवार को उत्सवी माहौल के बीच...

Sisvan News - majesty
  • comment
सिसवन | सिसवन बाजार व गंवई क्षेत्रों में पंडालों में स्थापित मां सरस्वती की विदाई बुधवार को उत्सवी माहौल के बीच हुई। इसको लेकर यहां के नदी घाटों पर दोपहर से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। देर शाम तक विसर्जन का सिलिसला चलता रहा। प्रतिमाओं के साथ सरयू व दाहा के विभिन्न घाटों पर पहुंचे छात्र व युवक मां शारदे की जयकारे लगा रहे थे। इससे पहले वैदिक रीति-रिवाज के साथ मां सरस्वती की पूजा की गई तथा परंपरागत तरीके से पूजा का समापन किया गया। पूजा पाठ के बाद पंडालों से प्रतिमाओं को ठेला व अन्य संसाधनों के सहारे विभिन्न मार्गो से होते हुए सरयू नदी तट तक पहुंचाई गई। जहां नम आंखों से बुद्धि की अधिष्ठात्री मां शारदे की प्रतिमाओं को गंगा की गोद में विसर्जित कर श्रद्धालु घर लौटे। प्रतिमाओं को नदी घाटों तक ले जाने के क्रम में युवकों का उत्साह देखते बनता था। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति व देवी गीतों की धुन पर ठुमके लगा रहे थे। इस क्रम में उनके द्वारा उड़ाये जा रहे अबीर-गुलाल व मचाए जा रहे धमाल होली के आगाज का अहसास भी करा रहा था। प्रतिमाओं के साथ चल रहे छात्रों के काफिले व उनके द्वारा सड़कों पर प्रस्तुत किए जा रहे नाच-गान के कारण कई जगहों पर जाम की स्थिति बन गई थी। हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के कारण यात्रियों को परेशानी नहीं हुई। मौके पर चैनपुर बाजार के दीपक श्रीवास्तव, भानु सोनी ने बताया कि इस पूजा में सबसे ज्यादा उत्साह परीक्षार्थियों और स्कूली बच्चों में देखा गया। विसर्जन में कुंदन, अभिषेक, रंजीत, अतुल, आस्था, सत्यजीत, बिंदेश्वर, अमित, रोज मोहम्मद आदि थे।

सिसवन | सिसवन बाजार व गंवई क्षेत्रों में पंडालों में स्थापित मां सरस्वती की विदाई बुधवार को उत्सवी माहौल के बीच हुई। इसको लेकर यहां के नदी घाटों पर दोपहर से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। देर शाम तक विसर्जन का सिलिसला चलता रहा। प्रतिमाओं के साथ सरयू व दाहा के विभिन्न घाटों पर पहुंचे छात्र व युवक मां शारदे की जयकारे लगा रहे थे। इससे पहले वैदिक रीति-रिवाज के साथ मां सरस्वती की पूजा की गई तथा परंपरागत तरीके से पूजा का समापन किया गया। पूजा पाठ के बाद पंडालों से प्रतिमाओं को ठेला व अन्य संसाधनों के सहारे विभिन्न मार्गो से होते हुए सरयू नदी तट तक पहुंचाई गई। जहां नम आंखों से बुद्धि की अधिष्ठात्री मां शारदे की प्रतिमाओं को गंगा की गोद में विसर्जित कर श्रद्धालु घर लौटे। प्रतिमाओं को नदी घाटों तक ले जाने के क्रम में युवकों का उत्साह देखते बनता था। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति व देवी गीतों की धुन पर ठुमके लगा रहे थे। इस क्रम में उनके द्वारा उड़ाये जा रहे अबीर-गुलाल व मचाए जा रहे धमाल होली के आगाज का अहसास भी करा रहा था। प्रतिमाओं के साथ चल रहे छात्रों के काफिले व उनके द्वारा सड़कों पर प्रस्तुत किए जा रहे नाच-गान के कारण कई जगहों पर जाम की स्थिति बन गई थी। हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के कारण यात्रियों को परेशानी नहीं हुई। मौके पर चैनपुर बाजार के दीपक श्रीवास्तव, भानु सोनी ने बताया कि इस पूजा में सबसे ज्यादा उत्साह परीक्षार्थियों और स्कूली बच्चों में देखा गया। विसर्जन में कुंदन, अभिषेक, रंजीत, अतुल, आस्था, सत्यजीत, बिंदेश्वर, अमित, रोज मोहम्मद आदि थे।

X
Sisvan News - majesty
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन