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सीवान जक्शन पर गीले कचरे से बनेगी खाद

एक वर्ष पहले
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पूर्वोत्तर रेलवे के सीवान स्टेशन पर कंपोस्टिंग मशीन लगाने की तैयारी चल रही है। इस मशीन से गीले कचरे से खाद बनाई जाएगी। इस खाद को रेलवे कॉलोनी स्थित पौधे व फूल की बागवानी में डाला जाएगा। साथ ही साग- सब्जियों में उत्पादन बढ़ाने के लिए भी उपयोग किया जाएगा। स्टेशनों पर गीला कचरा गिरने व उसके दुष्प्रभाव को रोकने के लिए रेलवे ने इस तरह का कदम उठाया है। सीवान स्टेशन के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक अवधेश कुमार ने बताया कि कंपोस्टिंग मशीन आ गई है। इसे लगाने के लिए स्थान का भी चयन कर लिया गया है। इसे यात्री प्रतीक्षालय के पीछे सरकुलेटिंग एरिया में लगाया जाएगा। इस मशीन में ऊपर बड़ा ढक्कन लगा हुआ है। इस ढक्कन के माध्यम से गीले कचरे को डाला जाएगा। इसके बाद ढक्कन को बंद कर दिया जाएगा। इसके साइड में एक पहिया लगा हुआ है। इस पहिए को हाथ से 25 बार सीधा व 25 बार उल्टा घुमाया जाएगा। इस तरह रोज 20 से 25 दिनों तक करना है। इसमें कच्चा पीडियन लिक्विड डाला जाएगा। इस मशीन के नीचे दो नल लगे हुए हैं। लिक्विड से बैक्टेरिया पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसके बाद खाद तैयार होगा। नीचे लगे नल से पानी बाहर गिर जाएगा। यह पानी भी बैक्टेरिया मुक्त हो जाएगा। हालांकि इस पानी को पाइप के सहारे नाली में गिराया जाएगा। इस तरह यह खाद में बदल जाएगा। एक बार में 25 किलो खाद तैयार होगा। अभी कल्चर पिडियन लिक्विड नहीं आया है। विभाग से इसकी सप्लाई होते ही इस मशीन से खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सीवान के अलावा यह मशीन वाराणसी रेल मंडल के छपरा, देवरिया, बलिया, मउ, गाजीपुर व अाजमगढ़ में भी लगाने की तैयारी की गई है। पहले फेज में ए व ए वन स्टेशनों को ही इसके लिए चयन किया गया है। इस तरह गीले कचरे से स्टेशन व स्टेशन के सरकुलेटिंग एरिया में प्रदूषण नहीं फैलेगा।

क्या कहते है सीएचआई

गिला कचरा से खाद बनाने वाली मशीन सीवान स्टेशन पर आ गई है। एक बार में 25 किलाे खाद बनेगा। इसे रेलवे कॉलोनी में पौधारोपण, बागवानी व सब्जी की फसलों में उत्पादन बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाएगा। इससे स्टेशन भी प्रदूषण मुक्त होगा।
अवधेश कुमार, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक, सीवान रेलवे स्टेशन

सीवान स्टेशन पर इसी मशीन को लगाने की हो रही तैयारी।
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