पुण्यतिथि पर शहीद जुब्बा सहनी काे दी श्रद्धांजलि
शहीद जुब्बा सहनी की पुण्यतिथि पर बुधवार काे श्रीकृष्ण स्मारक भवन परिसर में राजकीय समारोह अायाेजित किया गया। इस दाैरान पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने शहीद जुब्बा सहनी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीम द्वारा भजन व देशभक्ति के गीत की प्रस्तुति दी गई। इस माैके पर डीएम कुमार रवि सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी व दर्जनाें की संख्या में गणमान्य लाेग उपस्थित थे।
उधर, पटना सिटी में शहादत दिवस पर शहीद स्मारक न्यास की ओर से स्मृति सभा आयोजित की गई। मंगल तालाब स्थित शहीद पीर अली संस्थान में सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए बिहार निषाद संघ के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह निषाद ने कहा कि शहीद जुब्बा सहनी साहस, शौर्य व बलिदान के प्रतीक थे। न्यास के महासचिव विजय कुमार सिंह ने शहीद सहनी के शहादत गाथा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। शहीद सहनी के नाम पर स्मारक व पार्क बनाने की मांग की। इस मौके पर मिथिलेश सिंह, देवर| प्रसाद, संजीव कुमार यादव, रघुनाथ प्रसाद, उमाशंकर प्रसाद के अलावे सनातनी सिख सभा के कन्हैया सिंह समेत कई लोग उपस्थित रहे।
आजादी की लड़ाई में जुब्बा सहनी ने लगाई थी जान की बाजी
पटना|राष्ट्रीय जनसंभावना पार्टी की ओर से शहीद जुब्बा साहनी का शहादत दिवस मनाया गया। मौके पर पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र साहनी ने जुब्बा साहनी के जीवन पर विस्तार से चर्चा की। जुब्बा साहनी का जन्म मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर प्रखंड के चैनपुर गांव में हुआ था। वे शुरू से ही राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत देशभक्त थे। 11 मार्च 1944 को भागलपुर सेंट्रल जेल में फांसी दी गयी। इस मौके संतोष कुमार सिंह, साहिल आलम, सुजीत यादव, नरेश दास, कैलाश सहनी, राजीव कुमार, अशोक सिंह निषाद आदि लोग मौजूद थे। दूसरी ओर, बिहार निषाद मंच की ओर से प्रदेश कार्यालय में अमर शहीद जुब्बा साहनी का शहादत दिवस मनाया गया। अध्यक्षता चरितर सिंह ने की। महासचिव रामाशीष चौधरी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में जुब्बा साहनी ने जान की बाजी लगा दी थी। मौके पर शशि भूषण कुमार, बैजनाथ सिंह निषाद, विनोद सहनी, विनय कुमार सहनी, मनोज निषाद, सुरेश प्रसाद सहनी, दिलीप कुमार निषाद, गोरख निषाद, रघुनाथ महतो, जीबोधन निषाद,राजदेव चौधरी, उमेश मंडल आदि मौजूद रहे।
शहीद जुब्बा सहनी की तस्वीर पर माल्यार्पण करते मंत्री नंदकिशोर यादव।