मोबाइल फोन, जूते, कपड़ेव खाद हो सकते हैं महंगे
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की बैठक शनिवार को होगी। इस बैठक में मोबाइल फोन, जूते, टेक्सटाइल व उर्वरकों पर लगने वाले जीएसटी की दरों में बदलाव किया जा सकता है। संभावना है कि इन वस्तुओं पर जीएसटी में बढ़ोतरी हो सकती है। काउंसिल राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी के लिहाज से यह कदम उठाने जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि जीएसटी के तहत उल्टे शुल्क ढांचे की व्यवस्था को सही किया जा सकता है। जब कच्चे माल पर अंतिम उत्पाद से अधिक जीएसटी दरें लगाई जाती हैं तो इसे उल्टे शुल्क ढांचे की व्यवस्था कहा जाता है। उदाहरण के लिए, मोबाइल फोन पर जीएसटी की दरें 12 फीसदी हैं जबकि फोन के हिस्सों तथा बैटरियों पर यह 18 फीसदी है। नतीजतन यह उल्टे शुल्क ढांचे की व्यवस्था में आता है। ऐसे मामले में मोबाइल फोन के लिए भी दरें बढ़ाकर 18 फीसदी करने का प्रस्ताव है। फैब्रिक पर भी जीएसटी दरें 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने का प्रस्ताव है, जिससे उल्टे कर की व्यवस्था को ठीक किया जा सके। विभिन्न श्रेणियों के कच्चे धागों (यार्न) पर 12 फीसदी कर लगाया जाता है। उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में करों को सुसंगत बनाने पर विचार किया जाएगा।