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मोदी को हाईकोर्ट से राहत, आपराधिक केस निरस्त

3 वर्ष पहले
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पटना|उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को हाईकोर्ट से राहत मिली है। उनके खिलाफ नवगछिया की अदालत में चल रहे मानहानि के मुकदमे को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की एकलपीठ ने सुशील मोदी की आपराधिक विविध याचिका को मंजूर करते हुए यह आदेश दिया।

खगड़िया के तत्कालीन विधायक आरके राणा ने सुशील मोदी के खिलाफ मानहानि का आरोप लगाते हुए 1999 में एक परिवाद दायर किया था। परिवाद के मुताबिक जून, 1999 में मोदी ने राणा पर एक आपराधिक कांड में शामिल होने का आरोप लगाया था, जो 16 जून 1999 को एक अखबार में प्रकाशित हुआ। इस आरोप पर नवगछिया के एसडीजेएम ने 18 जनवरी, 2000 को संज्ञान लेते हुए मोदी के खिलाफ समन जारी किया था।

3 माह में संस्कृत शिक्षा बोर्ड का गठन करने का आदेश
पटना|पटना हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को तीन माह के भीतर संस्कृत शिक्षा बोर्ड का गठन करने का आदेश दिया है। साथ ही बोर्ड के उपनिदेशक को बोर्ड अध्यक्ष के प्रभार में काम करने पर भी फौरन रोक लगाने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को संस्कृत शिक्षा के प्रभारी के रूप में काम करने तथा शिक्षा विभाग को जवाबी हलफनामा दायर करने का आदेश दिया।

न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह की एकलपीठ ने पूर्वी चंपारण के रामलखन राय संस्कृत प्राथमिक सह माध्यमिक विद्यालय की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि पिछले कई वर्षों से संस्कृत शिक्षा बोर्ड का गठन नहीं हो सका है। मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।

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