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- Siwan News More Than 30 Ro Plants Are Running In The District Without Permission From Central Ground Water Authority
सेंट्रल ग्राउण्ड वाटर अथॉरिटी से बगैर अनुमति के जिले में 30 से अधिक चल रहे हैं आरओ प्लांट
जिले में मानकों की अनदेखी कर कंटेनरों में पानी भर कर बेचने का धंधा तेजी पर है। जिले में बगैर अनुमति 30से अधिक ऐसे आरो प्लांट चल रहे हैं, जबकि सेंट्रल ग्राउण्ड वाटर आथोरिटी से ग्राउण्ड वाटर प्रयोग की अनुमति किसी को नहीं है। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी की माने तो महज दो से तीन लोगों ने सेंट्रल ग्राउण्ड वाटर आथोरिटी से ग्राउण्ड वाटर प्रयोग की अनुमति के लिए आवेदन किया है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब जुलाई 2019 में नगर परिषद ने जिला मुख्यालय के 26 आरओ प्लांट को नोटिस भेजा था। उधर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी का कहना है कि नगर परिषद आरो प्लांट संचालकों को नोटिस करके भयादोहन करता है और जो आकर इन्हें मैनेज करता है उसका मैनेजमेंट नगर परिषद से हो जाता है। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में आई जागरूकता से घरों में आरओ लगाए जा रहे हैं। वहीं दुकानों, प्रतिष्ठानों में मिनरल वाटर की डिमांड बढ़ते ही पानी का व्यापार करने वालों की संख्या बढ़ गई है। स्थिति यह है कि जिले के हर गली मुहल्लों में कोई न कोई आरओ प्लांट बैठाकर कंटेनर से पानी आपूर्ति कर रहा है। यहां तक कि ग्रामीण इलाकों में भी विभिन्न वाहनों से घरों तक बोतल पहुंचाया जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक जिला मुख्यालय में 30से अधिक प्लांट लगे हुए हैं और यहां से प्रति दिन दो से ढाई हजार कंटेनर पानी की आपूर्ति की जा रही है।
आरओ प्लांट लगाने के लिए नगर परिषद ने किए हैं इन कागजातों को अनिवार्य
आरओ प्लांट लगाने के लिए नगर परिषद सीवान ने बारह कागजातों का होना अनिवार्य किया है। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अजीत कुमार की माने तो इन सभी कागजतों के रहने के बाद ही आरओ प्लांट लगाए जाने वाले आवेदन नगर परिषद में स्वीकार किए जाते है। इन कागजतों में आवश्यक है उद्योग पंजीकरण, लेबर लाइसेंस, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, फूड लाइसेंस, वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट , बिहार स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड रजिस्ट्रेशन, एनओसी फ्यार डिपाटमेंट, ट्रेर्ड लाइसेंस, ट्रेर्ड मार्क लाइसेंस, वाटर हॉवेस्टिंग प्लानिंग, सेंट्रल ग्राउड वाटर आथरेटी प्लिमेसन लेटर, कॉर्सियर
होल्डिंग टैक्स
आरओ प्लांट संचालकों का आरोप, रोजगार छिनने की है कोशिश
उधर आरओ प्लांट संचालकों का आरोप है कि एक तरफ केंद्र व राज्य की सरकार कई स्तर पर लघु उद्योग को बढ़ावा दे रही है तो वहीं दूसरी तरफ नगर परिषद दबंगों के प्रभाव में आकर आरओ प्लांट संचालकों का रोजगार छिनना चाह रहा है। उनका कहना है कि कई ऐसे प्लांट है जो बैंक ऋण से संचालित है। बंद होने की स्थिति में संचालकों को ऋण चुकाना भी मुश्किल हो जाएगा।
सेंट्रल ग्राउण्ड वाटर आथोरिटी से ग्राउण्ड वाटर प्रयोग की अनुमति सबके लिए अनिवार्य है
सेंट्रल ग्राउण्ड वाटर आथोरिटी से ग्राउण्ड वाटर प्रयोग की अनुमति सबके लिए अनिवार्य है। यह आदेश पत्र अभी किसी के पास नहीं है, तीन लोगों ने आदेश के लिए आवेदन किया है। पहले 26 लोगों को नोटिस दिया गया था, जिन्होंने जबाव दिया था उनका आरओ प्लांट बंद नहीं किया गया। अभी अधिकांश लोग उच्च न्यायालय में गए हैं। कोर्ट का निर्णय आने वाला है। निर्णय आने के बाद ही अब आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसी के साथ पक्षपात नहीं किया जाएगा।
अजित कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, सीवान
मेरे पास एक शिकायत कर्ता का आया था आवेदन, बाकि के बारे में नगर परिषद जाने
नगर परिषद अवैध काम करा रहा है, नोटिस देकर नगर परिषद चुप क्यों है यह जांच का मामला है। मेरे पास एक शिकायतकर्ता का आवेदन आया था, जिसकी सुनवाई की गई है और उस मामले में जांच के बाद आवश्यक निर्देश नगर परिषद को दिया गया। शेष वाटर प्लांट के बारे में नगर परिषद जिम्मेदार है, कि वह उनपर क्यों नहीं कार्रवाई कर रहा है। लोक शिकायत में जिसके बारे में भी शिकायत प्राप्त होगा, उसपर सुनवाई कर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।
विपिन कुमार राय, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सीवान
26 लोगों को नगर परिषद ने अधिकृत कागजातों की हुई थी मांग, अब यह कार्रवाई ठंढे बस्ते में चली गई
सीवान नगर परिषद क्षेत्र में लगभग करीब 30 से अधिक आरओ प्लांट संचालित है। इनमें से करीब 26 लोगों को नगर परिषद द्वारा अधिकृत कागजातों की मांग को लेकर जुलाई 2019 में नोटिस जारी किया गया था। तब उन्हें इस बात की चेतावनी दी गई थी कि अगर उनके द्वारा अधिकृत कागजातों को जमा नहीं किया जाता है तो उनका प्लांट बंद कर दिया जाएगा। बताते हैं कि तब उनमें से अधिकांश ने नगर परिषद को जवाब भी दे दिया था, तब से यह कार्रवाई ठण्ढे बस्ते में चली गई।
{आवेदन के लिए अभी तक सिर्फ तीन लोगों ने दिया है विभाग को आवेदन
{किसी के पास नहीं है सेंट्रल ग्राउण्ड वाटर आथोरिटी से ग्राउण्ड वाटर प्रयोग की अनुमति,
{कहते हैं जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी
नगर परिषद नोटिस करके भयादोहन करता है, और जो आकर इन्हें मैनेज करता है उसका मैनेजमेंट हो जाता है