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दो दिनों में 40 हजार से अधिक लोग दिल्ली से पहुंचे, अब इन्हें क्वारेंटाइन में रखना बड़ी चुनौती

Patna News - रविवार और सोमवार को 40 हजार से अधिक लोग दिल्ली से बिहार पहुंचे। इन्हें जांच के बाद 350 बसों से उनके गांवों के...

Mar 31, 2020, 07:56 AM IST

रविवार और सोमवार को 40 हजार से अधिक लोग दिल्ली से बिहार पहुंचे। इन्हें जांच के बाद 350 बसों से उनके गांवों के क्वारेंटाइन सेंटर तक पहुंचाया गया। अब इन्हें इन क्वारेंटाइन सेंटर में 14 दिनों तक रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। यही तय करेगा कि हम कोरोना से लड़ने में कितने सफल होंगे।

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि सोमवार को राज्य की सीमाओं और अन्य जगहों से कुल 13 हजार लोगों को उनके जिला मुख्यालय होते हुए गांव के क्वारेंटाइन सेंटर तक पहुंचाया गया। रविवार तक 25 हजार लोगों को पहुंचाया गया था। ये सभी अगले 14 दिन तक गांव के क्वारेंटाइन केंद्राें में रहेंगे। संबंधित प्रखंड के बीडीओ, मुखिया, सरपंच और पंच समेत अन्य सरकारी कर्मी इन लोगों की देखरेख करेंगे। संबंधित जिला पदाधिकारी सीमा आपदा राहत केंद्राें में लोगों की स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अबतक 60 से ज्यादा सीमावर्ती आपदा राहत केंद्राें से 40 हजार से ज्यादा प्रवासियों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया जा चुका है। शहरों में चलाए जा रहे 120 आपदा राहत केंद्राें में सोमवार को 7170 लोगों को भोजन कराया गया। 10 मार्च के बाद विदेश और अन्य राज्यों से बिहार लौटे यात्रियों का डाटाबेस तैयार कर उनकी ट्रैकिंग शुरू की गई। आदेश का उल्लंघन करने पर 76 एफआईआर और 1761 वाहनों पर कार्रवाई की गई है।

350 बसों से भेजे गए लोग

इधर, परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को कैमूर, गोपालगंज, गया, किशनगंज, पूर्णिया, सीवान और नवादा बॉर्डर पर पहुंचे 13 हजार लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद 350 बसों से इन्हें भागलपुर, गया, सीवान, पटना, जहानाबाद, अरवल, नालंदा, किशनगंज, मोतिहारी, कटिहार, पूर्णिया, खगड़िया सहित अन्य जिलों में भेजा गया है। चेकपोस्टों पर जिला परिवहन पदाधिकारी की तैनाती की गई है। उनकी देखरेख में बसें चलाई जा रही हैं। हर बस को सेनेटाइज करने का निर्देश दिया गया है।

आम लोगों की मदद के लिए बना नियंत्रण कक्ष

लॉकडाउन के दौरान लोगों को सभी तरह की मदद पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने नियंत्रण कक्ष बनाया है। इन नंबराें पर फोन कर सहायता ले सकते हैं।

सुबह 10 से 12, शाम 4 से 6 बजे तक लें सलाह

डॉ. अशोक कुमार सिंह (न्यूरोलाॅजिस्ट)- 8292763747

{डॉ. अजय कुमार (फिजिशियन) -9431020816

{ डॉ. अमरकांत झा अमर (चर्मरोग)- 9431237869

{ डॉ. सौरभ कुमार (मनोरोग)- 9899461700

{ डॉ. सुनील कुमार सिंह
(नेत्र रोग)9334157640

{ डॉ. अशोक शंकर सिंह (सांस रोग)--9431047476

{ डॉ. बीके चौधरी (पल्मोनोलॉजीस्ट)- 9334150597

{ डॉ. राजीव रंजन (फिजिशियन) -9431030151

{ डॉ. बसंत सिंह (हदय रोग)- 9334342459

{ डॉ. मनोज कुमार (पेट रोग)-8521914749

{ डॉ. राकेश कुमार सिंह (ईएनटी)-9508261008

{ डॉ. संगीता पंकज
(स्त्री रोग)9473191833

{ डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह (सर्जन) 9334118698

{ डॉ. विमल कारक (फिजिशियन)
9835461111

जो बिहार आ गया-आ गया, अब किसी को नहीं आने देंगे

पटना | डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा- जो बिहार आ गया-आ गया, अब कोई नहीं आएगा। केंद्र सरकार के निर्देश पर बॉर्डर सील कर दिया गया है। अब जो जहां है, वहीं रहेगा। उसे वहीं सारी सुविधाएं मिलनी है। सोशल डिस्टेंस रखने के लिए ही लॉकडाउन किया गया है। हमें इसका सौ फीसदी अनुपालन करना है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि बिहार के बाहर रहने वाले लोग अचानक भारी तादाद में बॉर्डर इलाकों में पहुंच गए थे। इससे अफरातफरी सी नौबत थी। अब सब ठीक है। लोगों को उनके पास के क्वेरेंटाइन सेंटर में पहुंचाया गया है। ये 14 दिन वहीं रहेंगे। ठीक रहे, तो घर जाने की इजाजत होगी।

किराया मांगने के मामले की होगी जांच

जिन दो बसों में हंगामा हुआ, वह राणा सर्विस की है। राणा सर्विस के मन्नू सिंह ने कहा कि पटना डीटीओ ऑफिस ने अलग-अलग सर्विस की 17 बसें पटना से लीं। इनमें दो बसें उनकी कैमूर गई थीं। यहां से भेजते समय कहा गया कि यात्रियों से वाजिब किराया ले लीजिएगा। कैमूर से निकलते समय सरकारी बसों को डीजल दिया, पर हमें कुछ नहीं। इस पर परिवहन सचिव ने कहा कि बीएसआरटीसी की बसें ही हम लगा रहे। बसें घट जाने के कारण कैमूर में डीएम ने दो निजी बसों की व्यवस्था की थी। इन्हीं बसों में किराया मांगा गया। परिवहन आयुक्त को इसकी जांच का आदेश दिया गया है।

कैमूर से भागलपुर फ्री पहुंचाना था, भाड़ा मांगने पर हंगामा

पटना | लॉकडाउन के दौरान दिल्ली-यूपी से बिहार बॉर्डर में घुसे प्रवासियों को कैमूर से लेकर आई दो बसों के मीठापुर बस स्टैंड में पहुंचते ही सोमवार को हंगामा होने लगा। प्रवासी मजदूरों को बस स्टैंड में उतारकर कहा गया कि पैसे दो तो आगे ले जाएंगे। इस बात पर भड़के प्रवासियों ने कहा कि हम पहले ही कई दिनों से भूखे हैं, पैसा कहां से लाएंगे। सोमवार दोपहर मीठापुर बस स्टैंड में हंगामा कर रहे यात्रियों ने कहा कि सरकार ने कैमूर में नाम नोट कर बस पर यह कहते हुए भेजा था कि भागलपुर पहुंचा दिया जाएगा, लेकिन यहां उतार दिया गया है। एक बस पर करीब 150 और दूसरी पर 135 लोग थे। रास्ते से ही हम लोगों से भाड़ा मांगा जाने लगा, जबकि फ्री में ले जाने की बात थी। अब कह रहे हैं कि नहीं ले जाएंगे। हंगामा बढ़ता देख स्थानीय लोगों ने जक्कनपुर थाने को मामले की जानकारी दी। मौके पर थानेदार मुकेश वर्मा पहुंचे और समझा बुझाकर मामले को शांत कराया। बस चालकों को भी समझा बुझाकर सभी को गंतव्य के लिए रवाना किया। यहां से बस खुलने के बाद यात्रियों ने कहा कि अंतत: उनसे 300-300 रुपए लिए गए, तब बस रवाना हुई।


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परेशानी हो तो करें कॉल

बस को कैमूर से भागलपुर फ्री में पहुंचाना था, पर कंडक्टर किराया मांगने लगा। इस पर मीठापुर स्टैंड में जमकर हंगामा हुआ। यात्रियों ने कहा- खाने के लिए पैसे नहीं हैं, हम किराया कहां से दें।

}कोरोना वायरस सेल 0612-2219090, 2219080,

2219055, 2219030, 2219033

}सिविल सर्जन 0612-2249964, 2247012,

2247013, 2247014, 2247015

}कालाबाजारी 0612-2249964

}होम क्वारेंटाइन 0612-2218242

}जिला नियंत्रण कक्ष 0612-2219810

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