अधिकारियों की कमी से जूझ रहा नगर निगम, सफाई व्यवस्था लचर
राजधानी की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना नगर निगम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। नालों की सफाई के लिए अबतक कोई पहल नहीं हुई है। वार्ड स्तरों पर गैंग बनाकर सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना पर भी काम तेजी से नहीं हो पा रहा है। होली के बाद निगम प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की बात कही थी। अभी निगम का पूरा जोर हर घर से कूड़ा उठाव को तेज करने पर है। लेकिन, इसमें भी अधिकारियों की कमी से दिक्कत आ रही है। पटना नगर निगम के छह अंचलों में से एक में ही स्थायी कार्यपालक पदाधिकारी हैं। पटना सिटी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार मिश्रा को अजीमाबाद, बांकीपुर व कंकड़बाग अंचल का प्रभार दिया गया है। उप नगर आयुक्त नुरूल हक शिवानी के जिम्मे नूतन राजधानी अंचल व पाटलिपुत्र अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी का कार्यभार है। एक अधिकारी के जिम्मे इतने अंचलों का प्रभार होने से किसी काम को गति नहीं मिल पा रही है। सशक्त स्थायी समिति के सदस्य आशीष कुमार सिन्हा का कहना है कि नगर निगम प्रशासन में अधिकारियों की कमी के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। अगर सरकार के स्तर पर तत्काल कार्रवाई नहीं होती है तो इसका जलजमाव से निपटने के कार्यक्रमों पर प्रभाव पड़ना तय है।
फॉगिंग भी नहीं हो पा रही
राजधानी क्षेत्र में फॉगिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निगम प्रशासन ने 75 फॉगिंग मशीनों की खरीद पिछले साल की थी। 35 फॉगिंग मशीन नगर निगम के पास पहले से थे। इस प्रकार निगम प्रशासन के पास अभी 110 फॉगिंग मशीनें हैं। निगम प्रशासन ने नगर निगम क्षेत्र के सभी 75 वार्डों के लिए अलग-अलग फॉगिंग टीम के गठन का प्रस्ताव दिया था। अबतक उस टीम का गठन नहीं हो सका है। इससे नगर निगम क्षेत्र में फॉगिंग व्यवस्था को बेहतर बनाना संभव नहीं हो पा रहा है।