बालिका गृह मामला / 33 पीड़िताओं के साथ 82 लोगों ने दी गवाही, तब 5 दोषियों को मिली जिंदा रहने तक कैद की सजा

मुजफ्फरपुर के इस बालिका गृह में बच्चियों के साथ अत्याचार होता था। (फाइल फोटो) मुजफ्फरपुर के इस बालिका गृह में बच्चियों के साथ अत्याचार होता था। (फाइल फोटो)
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मुजफ्फरपुर के इस बालिका गृह में बच्चियों के साथ अत्याचार होता था। (फाइल फोटो)मुजफ्फरपुर के इस बालिका गृह में बच्चियों के साथ अत्याचार होता था। (फाइल फोटो)

  • बालिका गृह की महिला कर्मचारियों को रेप के लिए षड्यंत्र में शामिल होने का दोषी पाया गया था
  • 5 मुख्य दोषियों के अलावा अन्य दोषियों को उम्र कैद और 10 साल जेल की सजा सुनाई गई

दैनिक भास्कर

Feb 11, 2020, 05:03 PM IST

पटना. 26 मई 2018 को मामला सामने आने के 1 साल 8 माह और 16 दिन बाद मंगलवार को मुजफ्फरपुर के बालिका गृह के गुनहगारों को सजा मिली। कोर्ट ने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत पांच दोषियों को जिंदा रहने तक कैद की सजा सुनाई। अन्य आरोपियों को उम्रकैद और 10 साल जेल की सजा मिली है।

14 किशोरियों ने बताई थी रेप की बात
विशेष पॉक्सो कोर्ट में सीबीआई ने बालिका गृह में रहने वाली 33 किशोरियों की गवाही दर्ज कराई थी। चार्जशीट में बताए 175 गवाहों में से 81 की गवाही दर्ज हुई थी। 14 किशोरियों ने गवाही में रेप की बात बताई थी। अन्य किशोरियों ने प्रताड़ना और यौन हिंसा की बात कोर्ट को बताई थी। ब्रजेश ठाकुर, रवि रौशन, दिलीप वर्मा और विजय तिवारी को गैंगरेप के साथ ही पॉक्सो की धारा 4, 6, 8, 10, 12, 17, भादवि की धारा 120 बी, 323, 325, 341, 354, 376 सी व 34 के तहत दोषी पाया गया था। 

गुड्डू कुमार, कृष्णा, रामानुज और विकास कुमार को रेप के साथ 4, 6, 8, 10, 12, 17, भादवि की धारा 120 बी, 323, 325, 341, 354, 376 सी, 376 डी व 34 का दोषी पाया गया था। बालिका गृह की महिला कर्मचारियों को रेप के लिए षड्यंत्र में शामिल होने की धारा 120 बी के तहत दोषी पाया गया था। 

क्या है मामला?
ब्रजेश ठाकुर एनजीओ सेवा संकल्प के माध्यम से मुजफ्फरपुर से साहु रोड में बालिका गृह चलाता था। बालिका गृह में रहने वाली किशोरियों के साथ रेप किया जाता और उनका यौन शोषण किया जाता था। यहां बच्चियों को नशे का इंजेक्शन देकर बेहोश किया जाता फिर उनके साथ रेप होता था। 

26 मई 2018 को टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस यानी टीस की रिपोर्ट में पहली बार बालिका गृह में नाबालिग लड़कियों के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया था। मामला सामने आने के बाद देशभर में सुखियों में आ गया था। तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा की नजदीकी ब्रजेश ठाकुर से थी। मालमे में दवाब बढ़ने पर मंजू वर्मा को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।

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