कॉलेजों में नए पाठ्यक्रमों को नहीं मिल रही मंजूरी, पड़ेगा नैक से ग्रेडिंग पर असर
नैक ग्रेडिंग के कई पैमानों में नए पाठ्यक्रमों का होना भी एक पैमाना है। लेकिन राज्य के कई कॉलेजों में इसको लेकर उदासीनता बरकरार है। पिछले साल पटना विश्वविद्यालय के चार कॉलेजों की नैक से ग्रेडिंग हुई। इसमें दो कॉलेजों को बी प्लस, ए कॉलेज को बी और एक को सी ग्रेड मिला। चारों कॉलेजों का पुराना इतिहास रहा है लेकिन नए कोर्सेज की कमी को नैक टीम ने अपनी रिपोर्ट में प्रमुखता से बताया। चारों कॉलेजों की नैक रिपोर्ट में नए कोर्सेज शुरू करने की सलाह दी गई है। पटना विश्वविद्यालय की तरह पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कॉलेजों में भी नए कोर्सेज का अभाव है। कई कॉलेज सालों पुराने पाठ्यक्रमों की ही पढ़ाई करा रहे हैं, कोई नया कोर्स शुरू नहीं हो रहा है। वहीं कई कॉलेज ऐसे भी हैं, जिन्होंने नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत की मंजूरी मांगी है लेकिन विवि प्रशासन उनका अप्रूवल नहीं दे रहा है।
कॉलेज ऑफ कॉमर्स के भी कोर्स लटके
पाटलिपुत्र विवि में कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस ऐसा कॉलेज है जिसमें लगभग सभी फैकल्टी की पढ़ाई होती है। आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स, ह्युमैनिटीज, लॉ, एजुकेशन, मैनेजमेंट सभी प्रकार के कोर्स हैं। कॉलेज की दो बार नैक ग्रेडिंग हुई है। पहली बार बी ग्रेड मिला, दूसरी बार ए ग्रेड। 2021 में फिर ग्रेडिंग होनी है लेकिन कॉलेज के दो नए कोर्स की शुरुआत का प्रस्ताव विवि प्रशासन के पास अटका है। इसमें बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन और एलएलएम जैसे पाठ्यक्रम हैं। इस बारे में विवि प्रशासन का कहना है कि शीघ्र ही कार्रवाई होगी।
एएन कॉलेज के पाठ्यक्रमों को नहीं मिली मंजूरी
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में एएन कॉलेज अकेला ऐसा है जिसने नैक से तीन बार ग्रेडिंग कराई है और हर बार ए ग्रेड मिला है। कॉलेज की 2022 में अगली ग्रेडिंग होनी है लेकिन नए कोर्सों की शुरुआत का प्रस्ताव लंबित है। कॉलेज प्रशासन ने डेढ़ साल पहले बी वोक कोर्सेज की शुरुआत का प्रस्ताव दिया, लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है। इस बार कॉलेज प्रशासन ने एमएड, एमलिस, मास्टर ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के साथ वोकेशनल मोड में कॉमर्स और एमए इन एजुकेशन की पढ़ाई के लिए प्रस्ताव दिया था। लेकिन यह प्रस्ताव पारित नहीं हुआ। इस संबंध में प्राचार्य प्रो. एसपी शाही ने बताया कि हम नए पाठ्यक्रमों को लेकर सजग हैं लेकिन बिना विवि प्रशासन और राजभवन की मंजूरी के कोर्स शुरू नहीं हो सकता। हमने प्रस्ताव भेज दिया है, उम्मीद है शीघ्र पारित होगा।