बिहार / सीट शेयरिंग को लेकर हो रही बयानबाजी के बीच नीतीश ने कहा- भाजपा-जदयू गठबंधन में सब ठीक है

सीटों पर बंटवारे पर मचे बवाल पर नीतीश ने पहली बार बयान दिया है। सीटों पर बंटवारे पर मचे बवाल पर नीतीश ने पहली बार बयान दिया है।
X
सीटों पर बंटवारे पर मचे बवाल पर नीतीश ने पहली बार बयान दिया है।सीटों पर बंटवारे पर मचे बवाल पर नीतीश ने पहली बार बयान दिया है।

  • बिहार विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे पर प्रशांत किशोर के बयान के बाद एनडीए में मची खलबली
  • उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा- नारे गढ़ने वाले गठबंधन के विरोध में नारेबाजी कर रहे

दैनिक भास्कर

Dec 31, 2019, 12:36 PM IST

पटना. बिहार में सीट शेयरिंग को लेकर भाजपा और जदयू के बीच हो रही बयानबाजी पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली बार बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा- जदयू गठबंधन में सब कुछ ठीक है। हालांकि, इससे आगे उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। मंगलवार को नीतीश भाजपा विधायक नितिन नवीन के पिता की पुण्यतिथि पर पटना स्थित नवीन पार्क में उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। कार्यक्रम से निकलने के दौरान मीडियाकर्मियों ने उनसे भाजपा और जदयू के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर तल्खी पर सवाल पूछा था।

प्रशांत किशोर के बयान से मची खलबली
रविवार को जदयू नेता प्रशांत किशोर के बयान के बाद बिहार एनडीए में खलबली मची है। प्रशांत ने कहा था कि बिहार में जदयू बड़ी पार्टी है। जिस अनुपात में 2010 में भाजपा और जदयू के बीच सीटों का बंटवारा हुआ था इस बार भी उसी अनुपात में सीट शेयरिंग होनी चाहिए। लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में सीटों का बंटवारा नहीं होगा। 2010 में जदयू ने 141 और भाजपा ने 102 सीटों पर चुनाव लड़ा था। यह अनुपात 1.4:1 का था। यानि जदयू अगर 14 सीटों पर चुनाव लड़ती है तो भाजपा को 10 सीटें मिलेगी। उनके इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने उन पर हमला करना शुरू कर दिया।

सुशील मोदी का पलटवार

उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बिना नाम लिए प्रशांत किशोर पर पलटवार किया। उन्होंने कहा था- लाभकारी धंधे में लगा व्यक्ति पहले अपने लिए बाजार तैयार करता है, फिर देश की चिंता करता है। नारे गढ़ने वाले गठबंधन के विरोध में नारेबाजी कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव पीएम मोदी और और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नेतृत्व में लड़ा जाना तय है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने भी पीके के बयान को खारिज करते हुए जदयू से सवाल पूछा था कि 'क्या यह जदयू का आधिकारिक बयान है? सीट शेयरिंग शीर्ष नेतृत्व का काम है। पीके जदयू के शीर्ष नेतृत्व हो गए हैं क्या?'

पीके के बयान से जदयू का भी किनारा, बिना नाम लिए आरसीपी ने किया हमला

राज्यसभा में जदयू के नेता आरसीपी सिंह ने पीके का नाम लिए बिना स्पष्ट किया कि 'उनको इस काम (सीट बंटवारा) के लिए पार्टी ने अधिकृत नहीं किया है। लोकसभा चुनाव में अच्छे माहौल में सीटों का बंटवारा कर लिया गया था। विधानसभा चुनाव में उससे भी अच्छे माहौल में सीटों का बंटवारा किया जाएगा।' हालांकि जदयू नेता श्याम रजक ने पीके के एक बयान का समर्थन करते हुए कहा कि जदयू बिहार में बड़े भाई की भूमिका में रहेगा और नीतीश के चेहरे पर ही पार्टी चुनाव लड़ेगी। लेकिन सीट शेयरिंग को लेकर पार्टी की तरफ से अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना