पटना / पर्यावरण की रक्षा के लिए सबको होना पड़ेगा सजग, लोग अपनी जमीन पर भी लगाएं पेड़: नीतीश



meeting in Central Hall of bihar Legislature on Climate change and its side effects
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meeting in Central Hall of bihar Legislature on Climate change and its side effects

  • कटनी के बाद किसान फसल के अवशेष जला देते हैं, इससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है
  • 22 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए गए, जिसके चलते ग्रीन कवर 15 फीसदी तक आ गया

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 01:14 PM IST

पटना. जलवायु परिवर्तन और उसके दुष्प्रभावों पर विधान मंडल के सेंड्रल हॉल में सर्वदलीय बैठक चल रही है। बैठक की शुरुआत मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के चलते आग बाढ़ और सूखे की समस्या बढ़ गई है। पर्यावरण की रक्षा के लिए सबको सजग होना पड़ेगा। लोगों को अपने घरों के आसपास और अपनी जमीन पर पेड़ लगाने चाहिए। रेन वाटर हारवेस्टिंग के संबंध में सीएम ने कहा कि जमीन के अंदर का पानी शुद्ध है। अगर हम ऊपर से गंदा पानी भेज देंगे तो और नाश हो जाएगा। इस बात पर भी ध्यान देना होगा। 

 

मिट्टी की गुणवत्ता पर असर पर रहा है। आजकल कटनी के बाद किसान फसल के अवशेष जला देते हैं। उनको पता नहीं किसने बता दिया है कि राख से जमीन की उत्पादकता बढ़ेगी। इससे उत्पादकता नहीं बढ़ेगी। आग लगाने से धरती में मौजूद कई चीजें जल जाएंगी। इसके लिए हमने जागरूकता अभियान चलाया है। 

 

यह रोहतास, कैमूर के इलाके से शुरू हुआ था। पटना जिले के इलाके में भी ऐसा किया जा रहा है। मैंने कृषि विभाग से जागरूकता अभियान चलाने को कहा। अब तो उत्तर बिहार में भी लोग खेत में आग लगाने लगे हैं। इससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। लोगों के स्वास्थ्य पर असर पर रहा है। मगथ क्षेत्र में लू से बहुत लोग मर गए। मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाके में एईएस से गरीब बच्चों की मौत हुई। पर्यावरण की रक्षा के लिए हम सबको सजग होना पड़ेगा।

 

जब झारखंड और बिहार एक था तो कोई वन संरक्षण पर ध्यान नहीं देता था। झारखंड में जंगल अधिक थे। एवरेज ग्रीन कवर की किसी को कोई चिंता नहीं थी। जब झारखंड अलग हो गया तब बिहार का हरित आवरण 9 फीसदी से थोड़ा अधिक रह गया। बिहार के लगभग 94 हजार स्क्वायर किलोमीटर में 12 करोड़ लोगों की आबादी रह रही है। जंगल लगाने के लिए उतना जमीन उपलब्ध नहीं है। इसके चलते हमने 17 फीसदी ग्रीन कवर का लक्ष्य रखा है। 22 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए गए, जिसके चलते ग्रीन कवर 15 फीसदी तक आ गया है। बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने की जरूरत है। लोग अपने जमीन पर पेड़ लगाएं। पहले कौन गांव ऐसा था, जिसमें बगीचा नहीं था। अब कितने गांव में बगीचे हैं।

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